राम मंदिर भूमिपूजन के एक दिन पहले आज Congress करेगी हनुमान चालीसा का पाठ

राम मंदिर भूमिपूजन के एक दिन पहले आज Congress करेगी हनुमान चालीसा का पाठ

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट 

खुद को हनुमान भक्त (Hanuman Bhakt) बताने वाले कमलनाथ(Kamal Nath) 5 अगस्त को होने वाले भव्य राम मंदिर के भूमि पूजन से एक दिन पहले 4 अगस्त को अपने निवास पर हनुमान चालीसा का पाठ (Hanuman Chalisa Path) कराने जा रहें है।

प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने सभी प्रदेश वासियों से आग्रह किया है वे 4 अगस्त को सुबह 11.30 बजे घर में रहते हुए या समीप के हनुमान मंदिर में जा कर हनुमान चालीसा का पाठ करें और प्रदेश के विकास और कोरोना से मुक्ति की कामना करें। कमल नाथ खुद 11 बजे अपने निवास पर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। वहीं पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे तरुण भनोट समेत कई मंत्रियों के निवास पर भी हनुमान चालीसा का पाठ का आयोजन किया जाएगा।

कमलनाथ ने कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ सभी कार्यकर्ताओं से हनुमान चालीसा का पाठ करने की अपील की है। कमलनाथ ने कहा है कि आप जहां भी हो, वहां हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें। इस आयोजन को कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व से जोड़कर देखा जा रहा है। कमलनाथ के निवास पर हनुमान चालीसा पाठ के आयोजन में कांग्रेस कोर कमेटी के सभी नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, एनपी प्रजापति, अरुण यादव, सज्जन सिंह वर्मा आदि नेता शामिल है।

ग़ौरतलब है कि कमलनाथ ने छिंदवाड़ा जिले में भगवान हनुमान की 101 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करवाई है। वे सभी महत्वपूर्ण अवसरों पर इस मंदिर में हनुमान जी के दर्शन कर व पूजा अर्चना करने जाते हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले और बाद में भी कमल नाथ छिंदवाड़ा में सिमरिया स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे थे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews