उमा भारती ने कमलनाथ सरकार को दी चेतावनी, VD की तारीफों के बांधे पुल

उमा भारती ने कमलनाथ सरकार को दी चेतावनी, VD की तारीफों के बांधे पुल

भोपाल।
भाजपा की दिग्गज नेत्री उमा भारती आज मंगलवार को नए प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा से मिलने बीजेपी कार्यालय पहुंची।यह उन्होंने केसर तिलक लगाकर वीडी को बधाई दी और मीडिया के सामने वीडी की तारीफों के जमकर पुल बांधे।भारती ने कहा कि वीडी शर्मा जी का अध्यक्ष बनना इसमें कई चीज़े एक साथ है। वे कुशल और प्रबल जनाधार वाले नेता है।बेहद सहज और सरल के स्वाभाव के है। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में करीब 05 लाख वोट से जीत कर आये है। वही कमलनाथ सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता से जुड़े वादे सरकार पूरा करे अन्यथा हम उसे घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे ।

आगे भारती ने पुराना किस्सा बताते हुए कहा कि मैं शर्मा जी को 25 सालों से जानती हूं, उनकी पत्नी मेरी सहेली की बेटी है। सबसे पहले विवाह का प्रस्ताव मैं ही लेकर गई थी, लेकिन सन्यासी होने के नाते मैं मेने इनकी शादी फेरे अटेंड नही किये थे। मंगलवार के दिन आज केसर तिलक का टीका लगाया है और चंदन घर से घिसवा कर लाई हूं ।मैं शुभकामना देती हूं कि इनके नेतृत्व में पार्टी प्रदेश में पुनः वो स्थान हासिल करेगी। पार्टी के तमाम बड़े नेताओं में मैं छोटी हूं ।वीडी मुझसे छोटे है तो इसलिए इन्हें यहां आशीर्वाद देने आई हूं।

वही कमलनाथ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मध्य प्रदेश मे बनी कांग्रेस सरकार ने अपने वादे पूरे नही किये। लोग ठगा हुआ महसूस कर रहे है। हमने बिना लड़े लोगो के हितों में फैसले करवाये है।उस वक़्त भी जब हम सत्ता में नही थे। आज भले ही हम सत्ता में नही है लेकिन सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दूंगी।वही राममंदिर को लेकर दिग्विजय द्वारा सवाल खड़े करने को लेकर कहा कि दिग्विजय खुद को खबरो में बनाये रहने के लिए यह बातें करते है जबकि अब उन पर बोलना मैं जरूरी भी नही समझती।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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