उत्तर प्रदेश में सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए 28 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर है, और उनकी सुविधा के लिए राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारी की है। परिवहन निगम ने इस विशाल आयोजन को सुगम बनाने के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित किया है, ताकि कोई भी परीक्षार्थी समय पर अपने केंद्र तक पहुँचने से वंचित न रहे। यह परीक्षा आगामी आठ, नौ और दस जून को प्रदेश के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिसके लिए परिवहन विभाग ने कमर कस ली है।
परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने अभ्यर्थियों के सुरक्षित आवागमन और सुगम यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक पीएन सिंह को स्पष्ट आदेश दिए कि वे सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को विशेष दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि मंडल और जनपद स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जिनकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ लगातार समन्वय स्थापित करना होगा, जिससे जमीनी स्तर पर सभी तैयारियां पुख्ता रहें।
अभ्यर्थियों की सुविधा पर फोकस, अतिरिक्त बसों का संचालन
अभ्यर्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, प्रमुख बस स्टेशनों पर परीक्षा सहायता डेस्क स्थापित किए जाने का भी निर्देश दिया गया है। इन डेस्क पर परीक्षार्थियों को उनके गंतव्य और परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, परिवहन निगम ने परीक्षा केंद्रों तक सुगम पहुँच सुनिश्चित करने के लिए बसों के अस्थायी रूट डायवर्जन की व्यवस्था की है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बसों का संचालन भी किया जाएगा, ताकि यात्रियों की भीड़ को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके।
परिवहन राज्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध हों और उनके संचालन के लिए चालक-परिचालकों की किसी भी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी चालकों और परिचालकों को परीक्षार्थियों के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार करने के विशेष निर्देश दिए जाएं, क्योंकि यह समय अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बसों की उपलब्धता और उनके संचालन की वास्तविक समय में निगरानी वीएलटीडी (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) और जीपीएस प्रणाली के माध्यम से की जाएगी, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप किया जा सके।
बस स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली को सक्रिय रखने के निर्देश
सभी बस स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली को सक्रिय रखने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि महत्वपूर्ण जानकारी लगातार प्रसारित की जा सके। इसके साथ ही, साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, प्रसाधन और अन्य यात्री सुविधाओं को चौबीसों घंटे उपलब्ध रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे परीक्षार्थियों को यात्रा के दौरान किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी बसें तकनीकी रूप से सुचारु और सुरक्षित अवस्था में ही संचालित हों। प्रत्येक बस में अ ग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, अतिरिक्त पहिया और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध रहेंगे, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके। आकस्मिक स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, और मार्गों पर प्रवर्तन दल लगातार सक्रिय रहेंगे ताकि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। सभी डीजल पंपों को चौबीसों घंटे संचालित रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे बसों के संचालन में कोई बाधा न आए। परिवहन राज्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों से यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और परिवहन निगम के कर्मचारियों का सहयोग करने की अपील की है, जिससे यह पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।





