वीडियो: अस्पताल प्रशासन पर लगा आरोप, पिता ने की उचित सुविधा मुहैया करवाने की गुजारिश

वीडियो: अस्पताल प्रशासन पर लगा आरोप, पिता ने की उचित सुविधा मुहैया करवाने की गुजारिश

भोपाल।

राजधानी(rajdhani) मे 9 दिन की बच्ची के कोरोना पॉजिटिव(corona positive) आने के बाद हडकंप मच गया था क्योंकि इस बच्ची की ना तो मां कोरोना पॉजिटिव(positive) पाई गई और ना ही पिता कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उसके बाद भी सुल्ताना जनाना अस्पताल में जन्मी यह महज 9 दिन की बच्ची इतनी गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गई। लेकिन उससे भी हैरानी की बात यह है कि इस बच्ची के इलाज मे प्रशासन(admiistration) की तरफ से गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।

आज इस बच्ची के पिता का एक वीडियो(video) सामने आया है जिसमें उन्होने चिरायु अस्पताल(chirayu hospital) प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। बच्ची के मां ने अस्पताल के अंदर से वीडियो बनाकर भेजे हैं। और उनमें साफ देखा जा सकता है कि बच्ची की मां को भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों के बीच में रखा जा रहा है जबकि मां कोरोना से संक्रमित नहीं है। साथ ही बच्ची और उसकी माँ को अस्पताल(hospital) ने स्टोर रूम में रखा है।

दरअसल अस्पताल प्रबंधन ने स्टोर रूम को वार्ड बना कर माँ और कोरोना पॉजिटिव 9 दिन की बच्ची को वहां रखा हुआ है। जिस रूम में उन्हे रखा गया है वहां बाथरूम तक की सुविधा नहीं है। जिस कारण बच्ची की माँ को कोरोना पॉजिटिव वार्ड को पार कर वॉशरूम के लिए जाना पड़ता है। इसी के ही साथ वीडियो में देखा जा सकता है कि रूम में सही तरीके की साफ-सफाई भी नहीं है चारो तरफ धूल जालों का अम्बार है। और सही तरीके से खाना भी नहीं दिया जा रहा है। बच्ची के पिता ने वीडिय़ो के जरिए प्रशासन से गुजारिश की है कि वो माँ की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक साफ सुथरा कमरा उन्हे दे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews