सोशल मीडिया पर Viral Video ने मय शौकीनों के उड़ाए होश

सोशल मीडिया पर Viral Video ने मय शौकीनों के उड़ाए होश

इंदौर।आकाश धोलपुरे।

प्रदेश की आर्थिक राजधानी कोरोना संक्रमण काल मे देश के उन चुनिंदा रेड जोन क्षेत्रो में शामिल है। जहां कोरोना कहर बरपा रहा है। कोरोना से मरने वालों की संख्या 100 होने के बाद इंदौर देश उन 5 शहरो में शहरों में जहां संक्रमण से मरने वालों की संख्या 100 या उससे अधिक है। इधर, कहर बरपाती महामारी के बावजूद मय के शौकीन मान नही रहे है और ये ही वजह है जिले के सीमावर्ती क्षेत्र को पार कर वो शराब की खरीदी करने जा रहे है और वहां से अपने वाहनो में शराब छिपाकर इंदौर ला रहे है।

एक ऐसे ही प्रयास का वीडियो शहर में वायरल हो रहा है। जिसमे दो युवक शराब की बोतल तो साथ मे लाये लेकिन चेकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें धर लिया। पुलिस को जब दोनों के पास शराब होने का पता चला तो, पुलिस ने दोनों को दो विकल्प दिए पहला ये की थाने चलो तो और दूसरा ये कि बोतल में भरी शराब ढोल दो। हालांकि इसके पहले आर्मी लिखे वाहन को चलाने वाले युवक ने पुलिस को रौब भी दिखाने की कोशिश की लेकिन अंततः पुलिस के सख्ती के आगे उसके हाथ पैर फूल गए। पीथमपुर से शराब लेकर लौट रहे युवकों को पीथमपुर चेकिंग नाके पर रोकने के बाद पुलिस ने बाकायदा शराब भी ढुलवा दी।

जिसके बाद दोनों के दिमाग से मय का भूत निकल गया। लेकिन इस दौरान बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और सोशल मीडिया पर घटना को लेकर तरह तरह के कसीदे भी गाढ़े जा रहे है। बता दे कि धार और देवास में शराब बिकी की अनुमति है लेकिन इंदौर में अब तक शराब दुकानों के खोले जाने को लेकर कोई निर्णय नही लिया गया जिसके बाद मय के शौकीन अब नए तरीके ईजाद कर अपनी हसरते पूरी करने की कोशिश में जुटे है लेकिन शनिवार को विफल हुई एक कोशिश के वीडियो के वायरल होते ही मय शौकीनों के होंश उड़ गए है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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