MP में सर्दी का सितम : कड़ाके की ठंड के साथ होगा नए साल का स्वागत, इन जिलों में शीतलहर का कहर

MP में सर्दी का सितम : कड़ाके की ठंड के साथ होगा नए साल का स्वागत, इन जिलों में शीतलहर का कहर

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में साल 2020 की विदाई और नए साल का स्वागत कड़ाके की सर्दी (Cold) से होने जा रहा है| हिमाचल और जम्मू कश्मीर में हो रही है बर्फबारी (Snowfall) का असर प्रदेश में भी दिख रहा है| बर्फीली हवाओं से प्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है| रात के साथ ही दिन में शीत लहर कंपकंपा रही है|

ग्वालियर, चंबल, सागर संभाग शीतलहर की चपेट में आ चुके हैं। फसलों पर पाला पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। 11 शहरों में न्यूनतम पारा 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। सबसे सर्द रात दतिया में रही, यहां का न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं भोपाल में मंगलवार को दिन का तापमान भी सामान्य से 6 डिग्री नीचे 19.3 डिग्री पर पहुंच गया। यह कोल्ड डे रहा। उज्जैन समेत 5 अन्य जिलों में भी कोल्ड डे रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक ठंड के तीखे तेवर एक जनवरी तक इसी तरह बने रहने के आसार हैं। इस दौरान प्रदेश में न्यूनतम तापमान दो डिग्री तक पहुंच सकता है।

मौसम विभाग ने भोपाल, ग्वालियर-चंबल संभागों एवं उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, शाजापुर, रतलाम, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, इंदौर व धार जिलों में शीतलहर चलने का अनुमान जताया है। वहीं बात अन्य जगहों की करें तो दतिया में सोमवार और मंगलवार की रात सबसे ठंड रही। दतिया , भिंड और मुरैना में पाला पढ़ने की सम्भावना है| मौजूदा स्थिति को देखते हुए एक जनवरी तक ठंड के तेवर इसी तरह तीखे बने रहने के आसार हैं। दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, खरगोन, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, खजुराहो, नौगांव, शाजापुर में सात डिग्री से कम तापमान रहा। राजस्थान में पड़ रही भीषण ठंड के चलते ग्वालियर-चंबल में पारा तेजी से लुढ़का है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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