जब अचानक सड़क पर आया तेंदुआ, फिर लोगों के साथ खेलने लगा, देखिये यह शानदार वीडियो

जब अचानक सड़क पर आया तेंदुआ, फिर लोगों के साथ खेलने लगा, देखिये यह शानदार वीडियो

कुल्लू, डेस्क रिपोर्ट| अगर कोई खूंखार जगली जानवर इंसानों के बीच आ जाए तो भगदड़ मच जाती है| लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है| जिसमे अचानक सड़क पर एक तेंदुआ (Leopard) इंसानों के बीच आ गया और उनके साथ मस्ती करने लगा | यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल (Video Viral) हो रहा है|

दरअसल, वायरल हो रहा यह वीडियो हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) का है, जहां कुल्लू  (Kullu) जिले की तीर्थन घाटी में गुरुवार को अचानक सड़क पर एक तेंदुआ निकल आया। तेंदुए को देखने के लिए यहां लोगों की भीड़ जुट गई और सड़क पर जाम लग गया। तेंदुए का नाम सुनते ही इंसान कांप जाता है। लेकिन तेंदुआ जैसा हिंसक जानवर सड़क पर मस्ती के मूड में नजर आये तो क्या हो| ऐसा ही हुआ, लोग हैरानी के साथ डरे सहमे तेंदुए को अपने बीच पाकर वीडियो बनाने लगे|

तेंदुआ लोगों के बीच आराम से घूमता रहा। तेंदुए को ऐसी स्थिति में देखकर लोगों का डर भी ख़त्म हुआ और लोग उसके साथ मस्ती करते रहे। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। कुछ लोग वाहनों से उतर गए और करीब से तेंदुए का वीडियो बनाने लगे, वहीं तेंदुआ भी लोगों के साथ खेलने लगा| बताया जा रहा है यह नजारा काफी देर तक चला| मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़कर जंगल में छोड़ दिया|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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