पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने क्यों कहा “गौ कैबिनेट” मेरे लिए परम ख़ुशी की बात  

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। पूर्व केंद्रीय मंत्री (Former union minister)  एवं मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Former Chief Minister Uma Bharti) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) के “गौ कैबिनेट” ( Cow cabin) गठन के फैसले का स्वागत किया है।  उन्होंने  ट्वीट कर कहा कि ये “पंच-ज” अभियान का एक हिस्सा लगता है , इसलिए मेरे लिए तो ये परम ख़ुशी की बात है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा  मध्यप्रदेश में “गौ कैबिनेट”  के गठन के फैसले का भाजपा नेता  स्वागत  कर रहे हैं , गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Dr. Narottam Mishra) कृषि मंत्री कमल पटेल (Agriculture Minister Kamal Patel) के बाद अब प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इसकी तारीफ की है।  उन्होंने ट्वीट कर लिखा ” मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के  द्वारा “गौ कैबिनेट” की घोषणा और  बहुत जल्दी उसकी पहली , मैं इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री जी का अभिनन्दन करती हूँ।  ये “पंच -ज”  अभियान का एक हिस्सा लगता है इसलिए मेरे लिए तो ये परम ख़ुशी की बात है। गौरतलब है कि  उमा भारती 2003 में जब मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री थी तब उन्होंने “पंच -ज” अभियान शुरू किया था जिसमें पांच ज यानि जल , जंगल, जमीन, जन और जानवर की बात की थी।  जानवरो में गौ भी उनकी प्राथमिकता थी  इसलिए “गौ कैबिनेट” के गठन का जो उद्देश्य उन्हेंसमझ आया उससे वे बहुत खुश हैं।

यहाँ बता कि गौ धन संरक्षण और संवर्धन के लिए किये जा रहे प्रयासों की कड़ी में अब “गौ कैबिनेट” (Gau Cabinet)  भी शामिल हो गई है।  गौ कैबिनेट के गठन की जानकारी मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj singh chouhan) ने खुद ट्वीट कर  दी है। “गौ कैबिनेट” (Cow Cabinet) में पशुपालन, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, गृह और कृषि एवं  किसान कल्याण विभाग शामिल होंगे। “गौ कैबिनेट”  की पहली बैठक गोपाष्टमी के दिन 22 नवंबर को दोपहर 12 बजे गौ अभ्यारण सालरिया आगर मालवा में आयोजित की जाएगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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