क्या प्रदेश में होंगे मध्यावधि चुनाव, आइए जानते हैं समीकरण

क्या प्रदेश में होंगे मध्यावधि चुनाव, आइए जानते हैं समीकरण

भोपाल।

सियासी उठापटक के बीच प्रदेश में अब मध्यावधि चुनाव की स्थिति बन गई है। खबर के मुताबिक कांग्रेस के सभी विधायक शाम 5:00 बजे की कांग्रेस विधायक बैठक में सर्व सहमति से इस्तीफा देंगे। और अगर ऐसा होता है तो प्रदेश में मध्यावधि चुनाव के हालात बन जाएंगे। बता दे कि भाजपा विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की मांग कर सकती है। इससे पहले कमलनाथ सभी विधायकों से इस्तीफा दिलवा कर उसके इस मंसूबे पर पानी फेर सकते हैं।

मध्य प्रदेश का बदलता राजनीतिक समीकरण कई तरह की अटकलें तेज कर रहा है। जहां कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी राज्यपाल के आने के बाद बहुमत सिद्ध करने की मांग कर सकती है। जहां कांग्रेस को हराकर वह सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो इस स्थिति में बीजेपी को अपना बहुमत सिद्ध करना होगा और उसके बाद प्रदेश में उसकी सरकार बन सकती है। किंतु कमलनाथ सरकार भाजपा के इस मंसूबे पर पानी फेरने को तैयार है। माना जा रहा सीएम कमलनाथ 5:00 बजे की बैठक में कांग्रेस के विधायकों से सामूहिक इस्तीफा लेंगे। जिसके बाद प्रदेश में मध्यावधि चुनाव करवाना जरूरी हो जाएगा।

बता दे कि जब किसी पार्टी के मंत्री अपना सामूहिक इस्तीफ़ा देते हैं और समय से पहले विधानसभा भंग हो जाने की स्थिति में मध्यावधि चुनाव जरूरी हो जाता है। ऐसे में कमलनाथ सरकार चाहेगी कि भाजपा को कोई मौका ना देकर प्रदेश में मध्यावधि चुनाव की स्थिति बनाई जाए।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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