बिना मास्क निकले, टोकने पर करने लगे बहस, अधिकारी ने सिखाया सबक, वीडियो वायरल

बिना मास्क निकले, टोकने पर करने लगे बहस, अधिकारी ने सिखाया सबक, वीडियो वायरल

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। सभी जानते हैं कि कोरोना (Corona) से बचने का सबसे जरुरी उपाय मास्क (Mask) ही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) से लेकर प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संस्थाएं सभी लोगों से निवेदन कर रहे हैं कि “मास्क ही सुरक्षा है” इसे लगाकर ही घर से निकलें बावजूद इसके लोग बिना मास्क (Mask) निकल रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों का फ्रस्टेशन भी बाहर निकल कर सामने आ रहा है। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें अधिकारी बिना मास्क (Mask) लगाए युवक को धकियाते और चांटा मारते दिखाई दे रहे हैं।

ग्वालियर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते जिला प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दिए हैं बिना मास्क (Mask) घूमने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम स्तर के अधिकारी सड़क पर खड़े होकर चालानी कार्रवाई कर रहे हैं  फिर भी कुछ लोग कोरोना की गंभीरता को नजरअंदाज कर बिना मास्क (Mask) लगाए घूम रहे हैं। ऐसे लोग सिर्फ अपना ही नहीं दूसरों का जीवन भी खतरे में डाल रहे हैं।   सोशल मीडिया पर भी एक वीडियो इस समय वायरल हो रहा है।

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38 सेकण्ड का वायरल वीडियो बुधवार शाम का फूलबाग चौराहे का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में बिना मास्क (Mask) लगाए जा रहे युवक को पुलिस और प्रशासन के अधिकारी रोकते हैं, बिना मास्क (Mask) लगाए निकलने पर टोकते हैं इसी बीच युवक कुछ कहता है तो वाद विवाद होने लगता है , मौके पर मौजूद एसडीएम रसीद काटने के लिए कहते हैं तो युवक फिर कुछ कहता है, अधिकारी उसे गाडी साइड में लगाने के लिए कहते हैं तो युवक गाडी वहीँ खड़ी कर देता है, प्रशासनिक अधिकारी जाने के लिए कहते हैं तो युवक कहता है कि जा तो रहा हूँ धक्का क्यों दे रहे हो, इतना सुनते ही एसडीएम भड़क जाते हैं और एक चांटा मार देते हैं।

https://twitter.com/mpbreakingnews/status/1380045770896773121

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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