देश भर के हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। 1 अप्रैल, 2026 से सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इसके बाद वाहन चालकों को टोल टैक्स चुकाने के लिए केवल फास्टैग (FASTag) या UPI पेमेंट का ही विकल्प मिलेगा।
यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने एक टीवी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने टोल पर कैश लेनदेन को खत्म करने का फैसला कर लिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य टोल नाकों पर लगने वाली गाड़ियों की लंबी लाइनों से छुटकारा दिलाना है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार के इस कदम के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे अहम है टोल बूथों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करना। फास्टैग अनिवार्य होने के बावजूद कई जगहों पर कैश लेन चालू रहने से गाड़ियों को रुकना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। इस बदलाव से तीन बड़े लक्ष्य हासिल होंगे:
- ईंधन की बचत: टोल पर बार-बार रुकने और चलने से बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल बर्बाद होता है। कैशलेस सिस्टम से गाड़ियां बिना रुके निकलेंगी, जिससे ईंधन बचेगा।
- पारदर्शिता: सभी लेनदेन डिजिटल होने से टोल कलेक्शन में होने वाली गड़बड़ियों की आशंका खत्म हो जाएगी। हर ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड मौजूद रहेगा।
- तेज और सुगम सफर: कैश या खुल्ले पैसों को लेकर होने वाली बहस खत्म होगी और मैनुअल रसीद काटने में लगने वाला समय भी बचेगा, जिससे यात्रा तेज होगी।
‘नो-स्टॉप’ सिस्टम का ट्रायल शुरू
सरकार इस डिजिटल बदलाव को अंतिम रूप दे रही है। इसी कड़ी में, बिना रुके टोल चुकाने वाले ‘नो-स्टॉप’ सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट देश के 25 टोल प्लाजा पर शुरू किया जा चुका है। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक अधिसूचना जारी होना बाकी है।
भविष्य में बैरियर-मुक्त टोलिंग की तैयारी
कैश पेमेंट को बंद करना देश में ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) सिस्टम लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार एक ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जिसमें हाईवे पर कोई फिजिकल बैरियर या टोल बूथ नहीं होगा। गाड़ियां अपनी सामान्य रफ्तार से चलती रहेंगी और एडवांस कैमरों व सेंसर्स की मदद से वाहन के नंबर प्लेट से टोल अपने आप कट जाएगा।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह
नए नियम लागू होने से पहले सभी वाहन चालकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि उनका फास्टैग अकाउंट एक्टिव और रिचार्ज हो। अगर आप फास्टैग का उपयोग नहीं करते हैं, तो अपने स्मार्टफोन में UPI पेमेंट की सुविधा को तैयार रखें। 1 अप्रैल के बाद बिना डिजिटल पेमेंट सुविधा के टोल प्लाजा पर पहुंचने पर आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है या आपको वापस भी भेजा जा सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। फिलहाल केंद्र सरकार या NHAI की ओर से कैशलेस टोल को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। अंतिम निर्णय सरकार के आदेश के बाद ही मान्य होगा।)





