अक्टूबर से बदल जाएंगे डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट के नियम, ट्रांजेक्शन होगा सुरक्षित, यहाँ जानें डीटेल

अक्टूबर से बदल जाएंगे डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट के नियम, ट्रांजेक्शन होगा सुरक्षित, यहाँ जानें डीटेल

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। यदि आप भी क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए काम की साबित हो सकती है। अक्टूबर से डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट के नियमों (Debit-credit payment rules ) में कुछ एहम बदलाव होने जा रहे हैं। 30 सितंबर के बाद से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया कार्ड-ऑन-फाइल टोकनाइजेशन नियम को लागू करने वाला है। यह नियम कार्ड से लेन-देन को सुधारने और सुरक्षित बनाने के लिए लाया गया है। आरबीआई के मुताबिक कार्ड टोकनाइजेशन (Card Tokenisation) नियम आने से बाद ट्रांजेक्शन और भी अधिक सुरक्षित हो जाएगा।

यह भी पढ़े… कर्मचारियों को जल्द मिलेगी गुड न्यूज! 18 महीने का डीए एरियर पर आया ताजा अपडेट, जानें कब खाते में आएंगे 1.50 लाख?

इन नए नियमों का मतलब है यूजर जब भी प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों या ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड या फिर डेबिट कार्ड का इस्तेमाल पेमेंट के लिए करता है तो उसके कार्ड के डिटेल्स इनक्रिप्टेड टोकन्स के रूप में स्टोर हो जाएगा। बता दें की पहले यह नियम जनवरी 2022 से लागू होने वाला था। लेकिन कुछ सोच-विचार के बाद आरबीआई ने कार्ड-ऑन-फाइल स्टोर के डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया था। पहले इसकी समयसीमा 30 जून 2022 तक थी, जिसके बाद में बढ़ाकर 30 सितंबर तक कर दिया गया है। इसका मतलब यह है की 30 सितंबर से कार्ड का इस्तेमाल करने के नियम बदल जाएंगे। इन नए नियमों के तहत पेमेंट कंपनियों को 1 अक्टूबर से लोगों के क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड का डेटा मिटाना जरूरी होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इससे पहले ही कई बड़े मर्चेंट्स ने कार्ड टोकनाइजेशन के इन नियमों को अपना चुकी है। वहीं कई ऐसे भी डिजिटल कंपनियां हैं जो कार्ड टोकनाइजेशन की समयसीमा को बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं। हालांकि ज्यादातर कंपनियां इन नियमों के लिए मान चुकी है, इसलिए समयसीमा बढ़ाने की संभावनाएं बहुत कम है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews