1 अगस्त से बदल जाएंगे ये 5 नियम, फटाफट निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान, पढ़ें पूरी खबर

1 अगस्त से बदल जाएंगे ये 5 नियम, फटाफट निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान, पढ़ें पूरी खबर

Rule changes from August 1: कुछ दिनों में अगस्त का महिना शुरू होने वाला है। इससे पहले कुछ जरूरी कार्यों को पूरा करना जरूरी है। न करने पर आपको नुकसान हो सकता है। कई नियमों में बदलाव भी होने जा रहा है। इस लिस्ट में आईटीआर फाइलिंग, बैंकिंग और अन्य कई नियम शामिल हैं। आइए इनके बारे में विस्तार से जानें-

अगस्त में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक

आरबीआई ने अगस्त के लिए बैंकों में छुट्टियों की घोषणा कर दी है। अगले महीने बैंक मुहर्रम, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और अन्य त्योहारों के लिए 18 दिन बंद रहेंगे। इसके अलावा शनिवार और रविवार की छुट्टियाँ भी शामिल हैं। इसलिए अपनी जरूरतों का ख्याल रखते हुए सही समय पर अपने काम निपटा लें।

आईटीआर भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। डेडलाइन के बाद आईटीआर फाइल करने वाले इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स को जुर्माना भरना होगा। यदि इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको 5 लाख रुपये की पेनल्टी भरनी होगी। वहीं जिन टैक्सपेयर्स की इनकम 5 लाख रुपये से कम है उन्हें 1, 000 रुपये का जुर्माना देना होगा।

चेक के जुड़े नियमों में बदलाव

बैंक ऑफ बड़ौदा चेक से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। 1 अगस्त से नया नियम लागू होगा। जिसके तहत पाँच ललह रुपये या उससे अधिक राशि वाले चेक पेमेंट के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम (Positive Pay System) करना अनिवार्य होगा। ग्राहकों को चेक क्लियर होने से पहले ऑथेनटिकेशन के लिए बैंक को जानकारी देना जरूरी होगा।

ट्रैफिक जुड़े नियम

सरकार ट्रैफिक से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रही है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस और इंश्योरेंस के गाड़ी चलाने वालों को 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। नशे में गाड़ी चलाने पर 10 हजार रुपये और 6 महीने की जेल होगी। वहीं दूसरी बार नशे में गाड़ी चलाने वालों को 15 हजार रुपये जुर्माना भरना होगा और 2 साल की जेल होगी।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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