1 मई 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच शुक्रवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं चांदी के भाव बढ़े हैं। भारतीय सराफा बाजार में दोपहर में 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत 1, 52,500 रुपये पर दर्ज की गई है। वहीं, 22 कैरेट सोने के 10 ग्राम का भाव 1,39,800 रुपये चल रहा है। औद्योगिक मांग में बढ़त और वैश्विक बाजार में डॉलर की स्थिति का असर चांदी की कीमतों पर भी दिखाई दिया। चांदी 2, 55,000 लाख रुपए (प्रति किलो) के स्तर पर बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,600 डॉलर प्रति औंस के करीब मजबूती से टिका हुआ है जबकि चांदी की कीमत 73.69 डॉलर प्रति औंस हो गई। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और भारतीय रुपये की कमजोरी घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही है। बढ़ते भू राजनीतिक तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के चलते भारत में सोने के आयात में गिरावट आई है। लंबे समय तक यदि ऐसे ही स्थितियां बनी रहती है तो भारत को बड़े आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। तेल की बढ़ती कीमतों से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले ने निवेशकों को राहत दी है क्योंकि जब ब्याज दरें स्थिर रहती हैं या बढ़ने की संभावना कम होती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ रुख करते हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही कीमतों में उठा-पटक देखने को मिल रही है , ऐसे में लंबे समय के लिए सोना अभी भी एक सुरक्षित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है लेकिन बाजार की चाल पर नजर रखना बेहद जरूरी है। वर्तमान में बाजार काफी अस्थिर है, इसलिए निवेशकों को बड़ा निवेश करने के बजाय गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करने की सलाह दी जाती है। वहीं जब तक युद्ध की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी।
इन दिनों भारत में शादियों का सीजन होने के कारण ज्वेलरी की मांग काफी ज्यादा है। हालांकि मिडिल क्लास लोग भारी गहनों के बजाय हल्के वजन वाली ज्वेलरी या पुराने सोने को बदलकर नए गहने लेने को प्राथमिकता दे रहे हैं। अगर आप भी सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो BIS हॉलमार्क और HUID कोड की जांच अवश्य करें। ध्यान रखें इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते, इसलिए अलग-अलग शहरों और शोरूम्स में अंतिम दाम अलग हो सकते हैं। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है इसे निवेश की सलाह ना मानें। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।






