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Gold-Silver Price 11 June: सोने-चांदी की कीमतों में फिर आया बड़ा बदलाव, जानें गुरुवार का 10 ग्राम का सोने का भाव

Written by:Pooja Khodani
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गुरुवार को फिर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। 24 कैरेट सोने की कीमत 146,299 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, वहीं 22 कैरेट सोने का भाव 134,780 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। चांदी भी 2.34 लाख पर ट्रेड कर रही है।

सर्राफा बाजार में गुरुवार को फिर सोने और चांदी की कीमतों में हलचल देखने को मिली है। पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रहे सोने-चांदी के दामों में 11 जून को अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली है। आज देशभर में 24 कैरेट (शुद्ध) सोने का भाव लगभग 1,45,640 से 1,48,900 रुपए प्रति 10 ग्राम के बीच चल रहा है, वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत 1,33,500 से 1,35,320 रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की गई।

चांदी देश के कई बड़े शहरों में 2.33 लाख से 2.45 लाख रुपए प्रति किलो के बीच कारोबार कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना 4,113.70 डॉलर प्रति औंस और चांदी 64.095 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। मिडिल ईस्ट में पनपे तनाव के बीच अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए जवाबी हमलों के बाद वैश्विक अनिश्चितता बढ़ गई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण वैश्विक स्तर पर महंगाई के भी लंबे समय तक बने रहने की  आशंका पैदा हो गई है। इसी वजह से केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने का दबाव बढ़ गया है, जो सोने के लिए नकारात्मक साबित हुआ।

हाल ही में आए मजबूत अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों के बाद वैश्विक बाजारों में यह चिंता बढ़ गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक इस साल के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है या उन्हें लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो बिना ब्याज वाले एसेट जैसे सोने की मांग घट जाती है। निवेशक भी सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों से पैसा निकालकर बॉन्ड मार्केट में लगाने लगते हैं।

यदि वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती इसी तरह जारी रहती है, तो स्थानीय बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है और इनमें कुछ और गिरावट भी देखने को मिल सकती है। आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की चाल काफी हद तक ब्याज दरों, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और डॉलर की स्थिति पर निर्भर कर सकती है। मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी स्थिति और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें फिलहाल भारतीय बाजार के लिए शॉर्ट-टर्म में बड़ी चुनौती हैं।

बाजार जानकारों की मानें तो वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों (विशेषकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व) द्वारा ब्याज दरों को लेकर आने वाले फैसलों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से पैदा हुई महंगाई की आशंकाओं के कारण निवेशक सतर्क हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है। हालांकि आगामी त्योहारों के मद्देनजर सोने-चांदी के दामों में आई यह कमी उन ग्राहकों के लिए एक अच्छा मौका साबित हो सकती है जो लंबे समय से कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे थे।

ध्यान रहे कि ऊपर दिए गए सोने-चांदी के भावों में राज्यों के जीएसटी (GST) और ज्वैलरी के मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं, इसलिए राज्यवार खुदरा दुकान पर अंतिम रेट अलग हो सकते हैं। स्थानीय टैक्स, परिवहन लागत और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है इसे निवेश की सलाह ना मानें। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

Pooja Khodani
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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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