करदाता ध्यान दें! बदल जाएंगे इनकम टैक्स से जुड़े ये 10 नियम, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

लोक सभा में नया इनकम टैक्स बिल 2025 बिल पास हो चुका है। जिसके लागू होते ही कई नियम बदल जायेंगे। इसकी जानकारी टैक्सपेयर्स को होनी चाहिए। आइए जानें क्या-क्या बदलने वाला है?
april income tax calendar 2026

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सोमवार को बिना किसी बहस नया इनकम टैक्स बिल 2025 लोकसभा में पास कर दिया गया है। दोनों सदनों में पारित होने पर यह इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा। इसके लागू होते ही 60 साल पुराने टैक्स इनकम से जुड़े कई नियम बदल जायेंगे। आयकर संशोधन बिल (Income Tax Bill 2025) का उद्देश्य इनकम टैक्स प्रणाली को ट्रांसपेरेंट और सिंपल बनाना है। जिसे ध्यान में रखते हुए कई सुधार किए गए हैं।

बता दें पहली बार इसे दिसंबर 2024 में पेश किया गया था। जिसके बाद बिल को संयुक्त समिति के पास भेजा गया। बिल की समीक्षा के बाद समिति ने इसमें बदलाव के लिए 285 सिफारिश की। कई  सिफारिशें को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। यदि मानसून सेशन में दोनों सदनों में बिल पारित होती है, तो नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू सकते हैं। सीबीडीटी को डिजिटल युग के मुताबिक नए नियम बनाने का अधिकार होगा। विरोध भाषी और दोहराए गए नियम हटाए जाएंगे। ताकि मुकदमेबाजी कम हो सके।

आईटीआर ने जुड़ा नियम 

पिछले बिल में निर्धारित समय सीमा के भीतर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल न करने पर रिफंड न मिलने का प्रावधान था। लेकिन अब पैनल ने इसे हटाने का सुझाव दिया है। मतलब यदि करदाता देरी से आईटीआर भरते हैं, तब भी रिफंड की संभावना रहेगी।

इन नियमों को भी जान लें

  • नए कानून के तहत टैक्सपेयर्स को जीरो टीडीएस सर्टिफिकेट देने का प्रावधान होगा।
  • धारा 80एम के तहत कंपनियों को डिविडेंड पर डिडक्शन देकर राहत दी जाएगी। पहले पेश किए गए बिल में यह प्रावधान नहीं था। कमेटी ने यह सुझाव दिया है।
  • कमेटी ने खाली घर पर टैक्स रहता का सुझाव भी दिया है।  केवल अनुमानित किराया यानी नोशनल रेंट पर टैक्स लगाने का प्रावधान हटाया गया है।
  • कंपाइल्स नियमों में आसानी की गई।  पीएफ निकासी पर टीडीएस, एडवांस रूलिंग फीस और पेनल्टी से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट किया गया है।
  • हाउस प्रॉपर्टी डिडक्शन में स्पष्ट यानी म्यूनिसिपल टैक्स घटाने के बाद 30% का स्टैंडर्ड डिडक्शन और किराए पर दिए गए घर पर ब्याज कटौती का फायदा भी मिलेगा।
  • भाषा और ड्राफ्टिंग में भी सुधार किए गए हैं। सेक्शनल नंबरिंग और टर्मिनोलॉजी में बदलाव किया गया है।
  • प्रॉपर्टी वर्गीकरण में स्पष्ट लाई जाएगी।  पेंशन बेनिफिट विस्तार में बताया गया है। नए नियमों के तहत गैर-कर्मचारी व्यक्तियों को भी कम्यूटेड पेंशन डिडक्शन का लाभ मिलेगा।
  • “प्रीवियस ईयर” और “एसेसमेंट ईयर” जैसे अलग-अलग टर्म को भी हटाया जाएगा। केवल “Tax Year” टर्म का इस्तेमाल होगा।
Manisha Kumari Pandey
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