करदाता ध्यान दें, 1 अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स से जुड़े कई नए नियम, पढ़ें पूरी खबर 

अप्रैल 2026 की शुरुआत के साथ कई नए नियम लागू होंगे। सीबीटी ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी की है। करदाताओं को इसकी जानकारी होनी चाहिए। आइए जानें क्या-क्या बदलेगा?
Income Tax New Rules

करदाताओं लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स नियम 2026 (Income Tax Rules) को अधिसूचित किया है। 1 अप्रैल 2026 से कई बड़े बदलाव होने वाले हैं। इसमें इनकम टैक्स फाइलिंग को आसान बनाना, पीएफ, एचआरए और शिक्षा भत्तेपर मिलने वाली छूट में वृद्धि और कैपिटल गेन पर क्लेरिटी इत्यादि शामिल हैं।

नए नियम का उद्देश्य टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना है। आयकर नियम 2026 पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा। पिछले साल संसद में इसे मंजूरी मिली थी। इसमें भाषा को सरल बनाया गया है, जिससे जटिल आयकर कानून को समझना आसान होगा। अनावश्यक प्रावधानों को हटाया गया है। आयकर अधिनियम 1961 में उल्लेखित 819 धाराओं की संख्या को घटकर 536 कर दिया गया है। वहीं अध्यायों की संख्या को 47 से घटा कर 23 किया गया है। नियमों की संख्या 399 से घटकर 190 और टैक्स फॉर्म को 511 से घटाकर 333 कर दिया गया है।

HRA से जुड़े नए नियम 

नए नियमों  के तहत 8 शहर यानी मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु में वेतन के 50% की उच्च सूट सीमा के लिए कर्मचारी पात्र होंगे। जबकि अन्य सभी स्थानों पर छूट की सीमा 40% ही रहेगी। इसके अलावा मकान मालिक किराएदार के संबंधों का खुलासा करना मकान किराया भत्ते से संबंधित आयकर कटौती का दावा करने के लिए अनिवार्य होगा।

बच्चों की शिक्षा और छात्रावास भत्ते में भी वृद्धि की गई है। प्रत्येक बच्चे को 3,000 रुपये प्रतिमा शिक्षा भत्ता मिलेगा, जबकि वर्तमान में यह लिमिट 100 रुपये  प्रतिमा है। यह सुविधा केवल 2 बच्चों पर ही लागू होगी। छात्रावास भत्ते को 300 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति बच्चा कर दिया गया है। वहीं भोजन/खाद्य कूपन पर 200 प्रति भोजन छूट का लाभ मिलेगा।

नियोक्ता द्वारा कार उपलब्ध कराए जाने पर टैक्स योग भत्तों के मूल्यांकन से जुड़े भी कई बदलाव किए गए हैं।’ यह बदलाव पुरानी और नई दोनों टैक्स व्यवस्थाओं पर लागू होंगे। इंजन कैटेगरी में भत्तों का मूल्य बढ़ाया गया है।

इन बदलावों को भी जान लें 

इसके अलावा आईटीआर फाइल करने के लिए टाइम लिमिट को भी बढ़ाया गया है। वर्तमान में टैक्सपेयर 9 महीने के भीतर संशोधित आईटीआर दाखिल कर सकते हैं। जिसकी लिमिट 12 महीने तक कर दी गई है। आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीखों में भी बदलाव किया गया है। डेडलाइन को 31 जुलाई से बढ़ाकर 1 अगस्त तक कर दिया गया है। हालांकि आईटीआर-1 और आईटीआर जैसे साधारण फॉर्म के लिए आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई होगी।

Manisha Kumari Pandey
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