किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम बदले, RBI का ऐलान, 2027 में होंगे लागू, जानें डिटेल 

आरबीआई ने किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव का ऐलान किया है। बैंकों को निर्देश जारी किए गए हैं। उपयोगकर्ताओं को इसकी जानकारी होनी चाहिए। 
RBI revised kisan credit card rules

किसान क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नियमों (Kisan Credit Card Rules) में बदलाव किया है। आरबीआई ने शुक्रवार नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। बता दें आरबीआई ने संबंधित ड्राफ्ट गाइडलाइंस फरवरी 2026 में जारी की थी। हितधारकों का फ़ीडबैक 16 मार्च तक मांगा था।

सेंट्रल बैंक ने KCC स्कीम में कई बड़े बदलाव किए हैं। लोन मंजूरी और रीपेमेंट अनुसूची में एकरूपता लाने के लिए फसल लोन की अवधि को मानकीकृत किया है। शॉर्ट टर्म की फसलों को 12 महीने के चक्र के साथ परिभाषित किया गया है। जबकि लॉन्ग टर्म फसलों को 18 महीने के सर्कल के साथ परिभाषित किया गया है। नए नियम सभी कर्मशियल बैंकों पर लागू होंगे। हालांकि भारत के भारत चल रहे भारतीय बैंकों के शाखाओं पर यह बदलाव प्रभावी नहीं होगा।

इन नियमों को भी जान लें

नए नियमों के तहत केसीसी की अवधि को अब 6 साल होगी। ताकि फसल चक्र के साथ लोन की अवधि को बेहतर ढंग से संरेखित हो सके। लंबी अवधि वाली फसलों के यह फैसला फायदेमंद साबित हो सकता है, सुधार भी देखने को मिल सकते हैं। केसीसी के तहत आहरण सीमा को प्रत्येक फसल ऋण के पैमाने के अनुरूप रखा जाएगा। इसके अलावा आरबीआई ने किसानों को मिट्टी की टेस्टिंग, रियल टाइम मौसम का अनुमान और ऑर्गैनिक या अच्छी खेती के तरीकों का सर्टिफिकेशन वगैरह जैसे टेक्नोलॉजिकल कामों से जुड़े खर्चों को भी पात्र घटकों में शामिल कर दिया है। ऐसे खर्चों की मरम्मत और रखरखाव के लिए 20% एक्स्ट्रा पात्र घटक के हिस्से के तौर पर कवर करने का ऐलान किया है।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि 6 साल से अवधि वाले कृषि ऋण को केसीसी ढांचे से बाहर अलग-अलग लोन सुविधाओं के रूप में माना जाएगा। इसके अलावा किसान क्रेडिट सीमा को अधिकतम 1,000 रुपये तक पूर्णांकित किया गया है।

2 लाख रुपये तक के लोन के लिए कॉलेटरल की जरूरत नहीं 

संबंधित नियमों को लेकर बैंकों को निर्देश भी दिए गए हैं। बैंकों को प्रति उधारकर्ता 2 लाख तक की कृषि ऋण के लिए कॉलेटरल सिक्योरिटी और मार्जिन की जरूरत को माफ करना होगा। हालांकि कॉलेटरल फ्री सीमा तक कृषि ऋण के लिए कॉलेटरल के रूप में स्वेच्छा सोना और चांदी गिरवी भी रख सकते हैं। कृषि ऋण को कॉलेटरल मुफ्त ऋण देने की दिशा निर्देशों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में बैंकों को उधरकर्ता से स्पष्ट घोषणा प्राप्त करनी है और उसे अपने पास रखना होगा। फसलों/स्टॉक पर हाइपोथिकेशन और वसूली के लिए टाई-अप व्यवस्था वाले मामलों में बैंक 3 लाख रुपये तक की सीमा वाले लोन के लिए कॉलेटरल सिक्योरिटी को माफ कर सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
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