पब्लिक सेक्टर के इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने लोन के ब्याज दरों (Loan Rates) में बदलाव किया है। 15 जून से टेन्योर के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में वृद्धि होने वाली है। इससे पहले बैंक ने अप्रैल 2026 में लेंडिंग रेट्स में बदलाव किया था। यह कदम आरबीआई एमपीसी की बैठक के बाद उठाया गया है। हालांकि रेपो रेट में रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने इस बार कोई भी बदलाव नहीं किया है, दरें 5.25% पर बरकरार हैं।
आईओबी ने 3 टेन्योर के लिए एमसीएलआर में 5 आधार अंकों का इजाफा किया है। एक महीने के लिए एमसीएलआर बढ़कर 8.20% हो चुका है, जो पहले 8.25% था। 1 साल के लिए एमसीएलआर 8.75% से बढ़कर 8.80% हो चुका है। 2 साल के लिए भी एमसीएलआर बढ़कर 8.80% हो चुका है, जो पहले 8.75% था।
अन्य टेन्योर के लिए MCLR जानें
ओवरनाइट एमसीएलआर में कोई बदलाव नहीं हुआ है, रेट्स 7.90% पर बरकरार हैं। 3 महीने के लिए दरें 8.40% और 6 महीने के लिए 8.65% है। 3 साल के लिए भी कोई बदलाव न करने का फैसला बैंक से लिया है। एमसीएलआर 8.85% पर बरकरार है। वहीं बेस रेट 9.70% है। मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स वे दरें होती हैं, जिसके आधार पर सभी बैंक लोन के ब्याज दरों को निर्धारित करते हैं। इसमें होने वाले उतार चढ़ाव का असर ईएमआई पर ही पड़ता है।
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फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में बदलाव
बैंक ने नॉन कॉलेबल एफडी के ब्याज दरों में बदलाव किया है, जो 11 जून से लागू है। इसमें ग्राहकों को मैच्योरिटी से पहले पैसे निकालने क अनुमति नहीं दी जाती है। 91 दिन से लेकर 444 दिन के टेन्योर पर 3.60% से लेकर 6.75% तक ब्याज ऑफर कर रहा है। इसमें 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा सकता है। हालांकि कॉलेबल डॉमेस्टिक टर्म डिपॉजिट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 7 दिन से लेकर 3 साल या इससे अधिक के टेन्योर पर सामान्य नागरिकों को 3.50% से लेकर 6.60% तक ब्याज ऑफर कर रहा है। इसमें कम से कम 1 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है।






