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रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति बैठक 3 जून से शुरू होने वाली है। मीटिंग में रेपो रेट, महंगाई समेत अर्थव्यवस्था से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। रेपो रेट में बदलाव का फैसला भी लिया जा सकता है। जिसका सीधा असर लोन के ब्याज दरों (Loan Rates) पर पड़ता है। इससे पहले पब्लिक सेक्टर के इंडियन बैंक ने लेंडिंग रेट्स में बदलाव का ऐलान किया है। 3 जून से लोन के लिए नई ब्याज दरें लागू होने वाली हैं।
बैंक के आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक कुछ टेन्योर के लिए MCLR में 10 आधार अंकों का इजाफा किया गया है। बता दें मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग (एमसीएलआर) वे न्यूनतम दरें हैं, जिसके आधार पर बैंक लोन ऑफर करते हैं। बैंक द्वारा TBLR में 10-15 बीपीएस तक की वृद्धि की गई है। हालांकि बेस रेट और बीएपीएलआर में कोई बदलाव न करने का फैसला बैंक द्वारा लिया गया है।
नई MCLR दरें जानें
3 साल के लिए एमसीएलआर को 7.40% से बढ़ाकर 8.50% कर दिया गया है। 6 महीने के लिए एमसीएलआर बढ़कर 8.75% हो चुका है, जो पहले 8.65% था। एक साल के लिए दरें 8.75% से बढ़कर 8.85% तक पहुंच चुकी हैं। अन्य किसी भी टेन्योर में को बदलाव नहीं किया गया है। ओवरनाइट एमसीएलआर 7.90% और 1 महीने के 8.20% पर बरकरार हैं।
TBLR में भी वृद्धि
बैंक ने 3 महीने या इससे कम टेन्योर के लिए टीबीएलआर को 5.25% से बढ़ाकर 5.35% कर दिया है। वहीं 3 महीने से अधिक और 6 महीने तक के लिए टीबीएलआर बढ़कर 5.55% हो चुका है, जो पहले 5.45 प्रतिशत था। 1 साल से अधिक और 3 साल तक के लिए दरें 5.60% से बढ़कर 5.75% तक पहुंच चुकी हैं। वहीं 6 महीने से अधिक और 1 साल तक के लिए भी दरें बढ़कर 5.75% हो गई हैं।
बेस रेट और BPLR कितना है?
बीपीएलआर और बेस रेट में आखिरी बार 3 अप्रैल को संशोधन किया गया था। वर्तमान में बेस रेट 9.55% है। वहीं बीपीएलआर 13.80% पर बरकरार है। एक्सटर्नल बेंचमार्क से संबंधित लोन के लिए पॉलिसी रेपो रेट 5.25 प्रतिशत और RBLR 7.95% हैं।

