
Pension Plan: मार्केट में ऐसे कई प्लान उपलब्ध हैं, जो न सिर्फ इनकम की गारंटी देते हैं बल्कि इंश्योरेंस की सुविधा भी प्रदान करते हैं। रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे बड़ा किरदार सेविंग यानि बचत का होता है। आप पैसों की बचत करके आप खुद के साथ अपने परिवार का भी भविष्य भी सुरक्षित कर सकते हैं। लाइफ लाइफ भारत में सबसे बड़े बीमा कंपनियों में से एक है। कंपनी वर्तमान में कई बचत योजनाएं चला रही है। इसमें से एक “संचय प्लस प्लान” है।
प्लान के बारे में
एचडीएफसी लाइफ संचय प्लस एक नॉन-लिंक्ड सेविंग इंश्योरेंस प्लान है। इसके तहत गरंटिड इनकम लाभ मिलता है। लाइफ कवर के जरिए निवेशक अपने परिवार के फ्यूचर को भी सिक्योर कर सकते हैं। निवेश के लिए चार ऑप्शन मिलते हैं- लॉंग टर्म इनकम ऑप्शन, गरंटिड मैच्योरिटी, गरंटिड इनकम और लाइफ लॉंग इनकम। लॉंग टर्म इनकम के विकल्प को चुनने पर 25 या 30 वर्षों तक इनकम का लाभ मिलता है। गरंटिड इनकम ऑप्शन के तहत 10 या 12 वर्ष के फिक्स्ड टर्म तक इनकम मिलती है। वहीं लाइफ लॉंग इनकम ऑप्शन के तहत 99 वर्ष उम्र पूरा तक इनकम मिलती है।
कौन और कैसे उठा सकता है लाभ?
लाइफ लॉंग इनकम का ऑप्शन लाभ उठाने के लिए निवेश की आयु 50 वर्ष से लेकर 65 वर्ष तक होनी चाहिए। मैच्योरिटी की उम्र न्यूटम 55 वर्ष होती है। अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं होती है। सिंगल प्रीमियम की न्यूनतम राशि 30 हजार रुपये तक होती है। वहीं मंथली प्रीमियम की राशि 2500 रुपये होती है। लाइफ लॉंग इनकम ऑप्शन के लिए सिंगल पे लिए पॉलिसी टर्म 5-10 वर्ष होता है। 5 वर्ष प्रीमियम पेइंग टर्म के लिए पॉलिसी टर्म 5-15 वर्ष होता है। 12 वर्ष के प्रीमियम पेइंग टर्म के लिए पॉलिसी टर्म 12-20 वर्ष होता है।
ये रहा कैलकुलेशन
यदि कोई 50 वर्षीय व्यक्ति लॉंग लाइफ इनकम ऑप्शन के तहत 1 लाख रुपये का निवेश करता है, तो उसे 1,250,000 रुपये का सम एश्यॉर्ड का लाभ मिलता है। पॉलिसी टर्म 11 वर्ष और प्रीमियम पेइंग टर्म 10 वर्ष का होता है। मैच्योरिटी के बाद निवेशक को 96,250 रुपये सलाना इनकम करीब 25 वर्षों तक मिलती है। साथ में 1 लाख रुपये पेआउट पीरीयड के अंतिम साल में मिलता है। प्लान से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी आप एचडीएफसी लाइफ के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं।
(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking News किसी भी स्कीम/प्लान/शेयर मार्केट में निवेश की सलाह नहीं देता।)

