बुढ़ापे में मिलेगी रेगुलर इनकम, नहीं सताएगी पैसों की टेंशन, जानें एनपीएस या यूएलआईपी कौन-सा पेंशन प्लान है बेहतर

LIC Pension Plan

Pension Plan: रिटायरमेंट के बाद वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी होता है। ताकि छोटे-छोटे आवश्यकताओं की पूर्ति करने में कोई समस्या न हो। मार्केट में अलग-अलग प्लांस हैं, जिसके जरिए आप अपने गोल्डन ईयर्स को खूबसूरत बना सकते हैं। नेशनल पेंशन सिस्टम और यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान भी इन्हीं योजनाओं में शामिल हैं। आइए जानें दोनों में से कौन-सा प्लान (ULIP vs NPS) आपके लिए बेहतर विकल्प बन सकता है-

एनपीएस और यूएलआईपी के बारे में

एनपीएस एक मार्केट लिंक्ड सरकारी स्कीम है, जो लोगों को रिटायरमेंट के लिए फंड बनाने की सुविधा उपलब्ध करता है। इसमें कुछ वर्षों तक निवेश करना पड़ता है। 60 वर्ष आयु के बाद पेंशन मिलती है। वहीं यूएलआईपी बीमा और निवेश दोनों का कॉम्बिनेशन होता है। निवेश की गई राशि का एक हिस्सा बीमा कवरेज में जाता है और बाकी हिस्सा फंड बनाने में। एनपीएस इक्विटी, डेब्ट और सरकारी प्रतिभूतियों का मिश्रण होता है। वहीं यूएलआईपी में कई फंड ऑप्शन मिलते हैं, इसमें बैलेंसफंड, इक्विटी और डेब्ट भी शामिल होता है।

टैक्स बेनेफिट्स और फ्लेक्सबिलटी

एनपीएस और यूएलआईपी दोनों ही प्लान में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी और 80सीसीडी (1बी) के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। एनपीएस में सीमित फ्लेक्सबिलटी मिलती है, साथ ही योगदान भी निर्धारित होता है। जबकि यूएलआईपी में प्रीमियम भुगतान फ्लेक्सिबल होता है। इसमें इनवेस्टमेंट फंड को बदलने की सुविधा मिलती है।

लिक्विडीटी और लॉक-इन-पीरीयड

एनपीसी में रिटायरमेंट से पहले निकासी की अनुमति नहीं होती है। बल्कि यूएलआईपी में 5 वर्ष के लॉक इन पीरियड के बाद आंशिक निकासी की अनुमति होती है।

इंश्योरेंस और मैच्योरिटी बेनेफिट

एनपीएस में रिटायरमेंट फंड के साथ इंश्योरेंस कवर नहीं मिलता। वहीं यूएलआईपी में डेथ बेनेफिट, बीमा और रिटायरमेंट फंड की सुविधा मिलती है। NPS के तहत एकमुश्त राशि या एनुइटि रिटायरमेंट के बाद मिलती है। वहीं यूएलआईपी में मैच्योरिटी बेनेबिट के साथ बीमा कवरेज भी मिलता है।

पारदर्शिता और रिस्क

एनपीएस में खतरा कम होता है। यूएलआईपी में रिस्क अलग-अलग प्रकार के फंड पर निर्भर करता है। जहां एनपीएस में क्लियर ट्रांसपेरेंसी मिलती है। वहीं यूएलआईपी में ट्रांसपेरेंसी फंड के चुनाव पर निर्भर करती है।

कौन-सा प्लान बेहतर?

दोनों में किसी भी प्लान को चुनने के लिए आपको अपने वित्तीय लक्ष्य और रिस्क को ध्यान में रखना चाहिए। यदि आप कम निवेश वाला रिटायरमेंट प्लान ढूंढ रहें हैं तो एनपीएस बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। वहीं यूएलआईपी में ज्यादा रिटर्न के साथ-साथ बीमा का लाभ उठाने के लिए अच्छा विकल्प बन सकता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking News किसी भी स्कीम/प्लान/शेयर मार्केट में निवेश की सलाह नहीं देता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews