Post Office Scheme: पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम है बेहद खास, मिलता है 66 लाख का रिटर्न, करें 250 रुपये का निवेश

Post Office Scheme: पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम है बेहद खास, मिलता है 66 लाख का रिटर्न, करें 250 रुपये का निवेश

Post Office Scheme: पोस्ट ऑफिस द्वारा कई योजनाएं दी जाती है, जो समाज के अलग-अलग सेक्टर के लिए लाभदायक होता है। डाकघर महिलाओं के लिए कई स्कीम रखता है, जिसका लाभ उठा कर बेटियाँ अपने सपने पूरे कर सकती है। इन्हीं योजनाओं में से एक “सुकन्या समृद्ध योजना” है। यह योजना लड़कियों के लिए खास तौर पर चलाई जाती है, जिसमें निवेश करने पर तगड़ा रिटर्न भी मिलता है। यदि आपके घर में भी बेटी है तो यह खबर आपके बेहद काम आ सकती है।

ये है कैलकुलेशन

सुकन्या समृद्ध योजना में 7.6 फीसदी का ब्याज मिलता है। यह एक लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट स्कीम है, जिसमें थोड़ा निवेश करके शानदार रिटर्न पाया जा सकता है। इस स्कीम में सलाना कम से कम 250 रुपये इन्वेस्ट करना होता है,जिसकी  अधिकतम राशि 1.50 लाख रुपये होती है। इस योजना में 50 के मल्टीपल में निवेश करना होता है। अकाउंट के 21 साल पूरे होने पर यह स्कीम मैच्योर होती है। जिसके बाद 66 लाख रुपये का फायदा होता है। यदि आप हर साल 1.50 लाख रुपये का इनवेस्टमेंट करते हैं, तो यह राशि मैच्योरिटी तक 66 लाख रुपये हो जाती है। जिसमें आपको 43.43 का फायदा होता है और आपका कुल निवेश 22.50 लाख होता है। हर महीने आपको 12,500 रुपये जमा करना होता है।

इन बातों का रखे ख्याल

अभिभावक अपनी 10 साल से कम उम्र की बेटी का खाता मात्र 250 रुपये निवेश करके खुलवा सकते हैं। इस बात का ध्यान जरूर रखें की परिवार में 2 से अधिक लड़की ना हो। ट्विन/ट्रिपल के केस में खाता खुल सकता है। यह योजना आयकर अधिनियम की धार 80C के टैक्स फ्री भी होता है। जब बेटी की उम्र 18 साल हो जाती हैं, तब अकाउंट से निकासी कर सकते हैं।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। एमपी ब्रेकिंग न्यूज किसी भी स्कीम या योजना में निवेश करने की सलाह नहीं देता। इन्वेस्ट करने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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