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RBI का बड़ा एक्शन, इस प्राइवेट बैंक पर लगा लाखों का जुर्माना, KYC से जुड़े नियम तोड़ने का आरोप 

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आरबीआई ने यस बैंक और हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस लिमिट के खिलाफ सख्ती दिखाई है। नियमों का उल्लंघन करने पर पेनल्टी लगाई गई है। आइए जानें ग्राहकों पर इस कार्रवाई का क्या असर पड़ेगा?
RBI का बड़ा एक्शन, इस प्राइवेट बैंक पर लगा लाखों का जुर्माना, KYC से जुड़े नियम तोड़ने का आरोप 

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने मई में एक बार फिर सख्ती दिखाई है।  दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न होने पर प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक लिमिटेड पर 31.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वही हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर भी 1.80 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। कार्रवाई की जानकारी सेंट्रल बैंक ने शुक्रवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दी है।

31 मार्च 2025 तक बैंक और एनबीएफसी की स्थिति को चेक करने के लिए एक संवैधानिक निरीक्षण आरबीआई द्वारा किया गया था। इस दौरान पाया गया कि दोनों नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। जिसके बाद कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद पेनल्टी लगाना सही समझा गया।

यस बैंक ने तोड़े ये नियम

येस बैंक ग्राहकों के साथ खाता आधारित संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री द्वारा आवंटित केवाईसी आईडेंटिफायर का उपयोग करने के लिए एक सिस्टम नहीं बन पाया। जो बैंकिंग सेक्टर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। आरोप सहित साबित होने पर आरबीआई ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 की धारा 47A(1)(C), 46 (4)(i) के तहत जुर्माना लगाने का फैसला लिया।

हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने किया इन नियमों का उल्लंघन

हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर आरबीआई द्वारा “गवर्नेंस” पर जारी दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न करने पर जुर्माना लगाया है। कंपनी ने आरबीआई से पहले लिखित अनुमति लिए बिना अपने प्रबंधन में बदलाव किया। जिसके कारण स्वतंत्र ) निदेशकों को छोड़कर  30% से अधिक निदेशक  बदले गए। इसके बाद आरबीआई ने नेशनल हाउसिंग बैंक एक्ट 1987 की धारा 52 (A) के तहत कार्रवाई की है।

क्या ग्राहकों पर भी असर पड़ेगा?

इस कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ग्राहकों और बैंक या कंपनी के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है, न ही इसको प्रभावित करना है। भविष्य में होने वाले अन्य का एक्शन में पर भी इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। ग्राहक पहले की तरह ही सभी सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे।

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Manisha Kumari Pandey
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