रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने दो बैंकों पर सख्ती दिखाई है, जो महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में स्थित हैं। आरबीआई ने BR एक्ट 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत पेनल्टी लगाई गई है। किसी ने डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट, तो किसी ने से केवाईसी से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया है। इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने 7 मई को अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर दी है।
हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक, मंडी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित यूथ डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 40,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दिशानिर्देशों के उल्लंघन का पता आरबीआई को एक निरीक्षण के दौरान चला था, जो इन बैंकों के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए मार्च 2025 को किया गया था।
जांच रिपोर्ट और नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चलने के बाद आरबीआई ने दोनों बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया। नोटिस पर मिले जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर आरोप सही पाए गए। जिसके बाद जुर्माना लगाना जरूरी समझ गया।
बैंकों ने तोड़े ये नियम
यूथ डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने ग्राहकों के केवाईसी दस्तावेज प्राप्त किए बिना ही कुछ निष्क्रिय खातों को एक्टिव कर दिया था। हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक ने पात्र और बिना दावे वाले अमाउन्ट को निर्धारित समय सीमा के भीतर जमाकर्ता, शिक्षा और जागरूकता कोष में ट्रांसफर नहीं किया। इसके अलावा कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट पर मैच्योरिटी की तारीख से लेकर उनके पुनर्भुगतान की तारीख तक ब्याज का भुगतान भी नहीं कर पाया।
ग्राहकों के लिए चिंता का विषय नहीं
देशभर के सभी बैंकों और एनबीएफसी को आरबीआई रेगुलेट करता है। जब भी कोई निर्देशों का होता है, तो संबंधित बैंकों और एनबीएफसी के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाता है। सेंट्रल बैंक में स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। ट्रांजेक्शन और एग्रीमेंट जारी रहेंगे। ग्राहक सभी सुविधाओं का लाभ भी उठा पाएंगे।






