हिमाचल प्रदेश में आगामी शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आयोग ने मतदान के दिन मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में भी मोबाइल फोन बंद स्थिति में ही ले जाने की अनुमति होगी। मतदान केंद्र के प्रवेशद्वार के पास थैला या टेबल पर फोन रखने की व्यवस्था होगी। मतदाताओं को मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
राज्य में शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शहरी निकायों में नाम वापसी के बाद प्रचार ने रफ्तार पकड़ी है, वहीं पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं के लिए विस्तृत चुनावी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उम्मीदवारों को अपने समर्थकों को आचार संहिता का पालन करने को कहा गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने बताया कि मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन नहीं ले जा सकते हैं। केंद्र के द्वार के बाहर फोन रखने की व्यवस्था रहेगी।
चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश
आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सरकारी भवनों, वाहनों और अन्य सरकारी संसाधनों का चुनाव प्रचार में उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। प्लास्टिक के बैनर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। प्रत्याशियों को पोस्टर के नीचे प्रिटिंग वाले का नाम और पता देना अनिवार्य होगा। प्रत्याशियों को सार्वजनिक सभा, रैली या जुलूस से पहले स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना देना अनिवार्य है। धार्मिक स्थल, जाति, धर्म या क्षेत्रीय भावनाओं का उपयोग वोट मांगने के लिए नहीं किया जा सकेगा। शराब वितरण, पैसे या उपहार बांटकर वोट प्रभावित करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार प्रतिबंधित रहेगा। सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट, फर्जी खबर या आपत्तिजनक सामग्री साझा करने पर कार्रवाई हो सकती है।
उम्मीदवारों को आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति और देनदारियों की जानकारी शपथ पत्र में देनी होगी। अवैध कब्जा करने वाले, गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी और चिट्टे जैसे नशे के मामलों में दोषसिद्ध व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए संवेदनशील बूथों पर वीडियो रिकॉर्डिंग और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जा सकती है। जिला परिषद उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च सीमा तय की गई है, जबकि अन्य पदों के लिए भी खर्च का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य रहेगा। मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन, हथियार और भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध रहेगा। सरकारी कर्मचारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे और किसी राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। कोई भी वित्तीय अनुदान स्वीकृत व उपलब्ध नहीं करवाया जाएगा। किसी भी नई योजना की घोषणा नहीं होगी। निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होने तक कोई भी नया कार्य प्रारंभ नहीं होगा। चुनाव खत्म होने के एक सप्ताह बाद प्रत्याशियों को झंडे और पोस्टर हटाना अनिवार्य है। मंदिरों, मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थानों पर पोस्टर नहीं लगाए जा सकेंगे।





