RBI का बड़ा एक्शन, इन 2 बैंकों पर लगा प्रतिबंध, ग्राहक नहीं निकाल पाएंगे खाते से पैसे 

आरबीआई ने दो बैंकों पर प्रतिबंध लगाया है। ग्राहकों को कैश निकालने की अनुमति भी नहीं होगी। यह आदेश 6 महीने के लिए लागू रहेगा। आइए जानें यह कदम क्यों उठाया गया? 
rbi action

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने दो बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। लखनऊ में स्थित द यूपी सिविल सेक्रेटेरिएट प्राइमरी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और गुजरात में स्थित राज्य कर्मचारी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड अहमदाबाद पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस दौरान ग्राहकों को सेविंग अकाउंट/ करंट अकाउंट या अन्य किसी भी खाते से पैसे निकालने की अनुमति नहीं होगी।

आरबीआई ने दोनों बैंक को कोई 11 मार्च से कारोबार बंद करने का निर्देश दिया है। इन्हें लोन, एडवांस, किसी प्रकार की इन्वेस्टमेंट, फ्रेश डिपॉजिट इत्यादि से रोका गया है। इतना ही नहीं बैंकों को उधार लेने, किसी प्रकार के समझौते या अरेंजमेंट, प्रॉपर्टी या एसेट को बेचने, ट्रांसफर करने और किसी भी  तरह से डिस्पोज करने की अनुमति नहीं होगी।

इन कार्यों की अनुमति होगी 

दोनों बैंकों को जरूरी चीजों जैसे कि कर्मचारियों की सैलरी, किराए, बिजली के बिल वगैरह का खर्च करने की अनुमति दी गई है। आरबीआई के तहत शर्तों के तहत डिपॉजिट पर लोन सेटऑफ करने की इजाजत भी होगी। सेंट्रल बैंक ने दोनों बैंकों को आदेश कॉपी वेबसाइट पर दिखाने का निर्देश भी दिया है। ताकि ग्राहकों और हितधारकों को इसका पता लग सके।

क्यों उठाया गया यह कदम?

आरबीआई ने यह बैंकों के लिक्विडिटी स्थिति को देखते हुए उठाया है। हाल ही में बैंकों के कामकाज में सुधार के लिए बोर्ड और सीनियर मैनेजमेंट से बातचीत की गई थी। सुपरवाइजरी चिताओं को दूर करने और बैंक के खाताधारकों के हितों की रक्षा करने के लिए यह निर्देश जारी करना जरूरी था। आदेश 11 मार्च से लेकर 6 महीने तक लागू रहेगा। हालांकि आरबीआई समय-समय पर बैंकों की समीक्षा करता रहेगा। स्थिति को देखते हुए निर्देश में बदलाव भी किए जाएंगे।

खाताधारकों के पैसे का क्या होगा?

प्रतिबंध के दौरान ग्राहक खाते से पैसे नहीं निकाल पाएंगे। लेकिन उनके डिपॉजिट पर सुरक्षा प्रदान की जाएगी। खाताधारक अपनी इच्छा और वेरिफिकेशन के बाद डीआईसीजीसी एक्ट 1961 के नियमों के तहत डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन से अपने डिपॉजिट पर जमा बीमा क्लेम कर सकते हैं, जिसकी सीमा 5 लाख रुपये है। इससे संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://www.dicgc.org.in/ विजिट करने की सलाह दी जाती है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews