फरवरी 2026 में रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की कार्रवाई (RBI Action) का सिलसिला जारी है। इस हफ्ते आरबीआई ने कई बैंकों और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। एक सहकारी बैंक पर प्रतिबंध लगाया गया है तो वहीं एक पर भारी पेनल्टी लगाई है। इसके अलावा कोलकाता में स्थित 7 एनबीएफसी का सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन यानी लाइसेंस भी रद्द कर दिया है।
आरबीआई ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 की धार 35ए और 56 के तहत अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड देहरादून पर प्रतिबंध लगाया है।10 फरवरी से कारोबार बंद करने का आदेश जारी किया है। इस बैंक को लोन या एडवांस स्वीकृत करने या किसी भी नए फंड और फ्रेश डिपॉजिट को स्वीकार करने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम केंद्रीय बैंक ने खाताधारकों के हित में उठाया है।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
बैंक के आदेश के तहत इस बैंक के खाताधारकों को कोई भी राशि निकालने की अनुमति नहीं होगी। प्रत्येक ग्राहक को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) से जमा राशि पर 5 लाख रुपये जमा बीमा क्लेम करने की सुविधा मिलती है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है। 6 महीबी तक इसकी समीक्षा की जाएगी। यदि स्थिति में सुधार आता है तो निर्देश में बदलाव हो सकता है।
आरबीआई का नोटिफिकेशन यहाँ देखेंइस बैंक पर लगा जुर्माना
आरबीआई ने भारत को-ऑपरेटिव बैंक (मुंबई) लिमिटेड पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बैंक पर कुछ पात्र टर्म डिपॉजिट पर बैंक ब्याज नहीं दे पाया, जिन्हें मैच्योरिटी से पहले विथ्ड्रॉ किया गया था। दिशानिर्देशों के अनुपालन में खामियों का खुलासा एक संवैधानिक निरीक्षण के दौरान हुआ था। जिसके बाद बैंक को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। इसपर प्राप्त जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई में आरोपों पुष्टि हुई। जिसके बाद बैंक ने पेनल्टी लगाने का फैसला लिया। हालांकि इस एक्शन का प्रभाव ग्राहक और बैंक के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट पर नहीं पड़ेगा।
यहाँ देखें नोटिफिकेशनइन एनबीएफसी का लाइसेंस रद्द
- कनोई लीजफिन लिमिटेड
- अदिति संचार सुविधा प्राइवेट लिमिटेड
- वेलमेन डीलकॉम प्राइवेट लिमिटेड
- सीटीसी इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड
- पैरेट एजेंसीज एंड क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड
- मोनालिसा मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड
- एमकेएन इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड





