RBI ने दिखाई सख्ती, 6 NBFC पर जुर्माना, एक बैंक पर लगा प्रतिबंध, यहाँ जानें डिटेल

आरबीआई ने एक बैंक प्रतिबंध पर लगाया है। ग्राहक लिमिट में पैसे निकाल पाएंगे। नियमों का उल्लंघन होने पर 6 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों पर जुर्माना लगाया है, इसमें मुथूट फाइनेंस लिमिट भी शामिल है। 
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एक बार फिर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। महाराष्ट्र के नासिक में स्थित पद्मश्री डॉ. विठलराव विखे पाटिल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर प्रतिबंध लगाया लगाया गया है। 17 जुलाई से बैंकिंग बिजनेस बंद करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है।

बैंक को आरबीआई के लिखित मंजूरी के बिना कोई भी लोन या एडवांस देने या रिन्यू करने की अनुमति नहीं होगी। निवेश, देनदारी और पेमेंट पर भी रोक लगाई गई है। बैंक को कोई भी समझौता व्यवस्था या किसी भी प्रॉपर्टी को बेचने या ट्रांसफर करने की अनुमति भी नहीं दी गई है। इसके अलावा इस निर्देश की एक कॉपी बैंक की वेबसाइट और परिसर में आम जनता की जानकारी के लिए लगाने का निर्देश भी दिया गया है।

ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

बैंक के लिक्विडिटी स्थिति को देखते हुए आरबीआई ने यह कदम उठाया है। खाताधारकों अपने अकाउंट से एक लाख रुपये तक की रकम निकालने की अनुमति दी गई है। डिपॉजिट के बदले लोन को एक्सेप्ट ऑफ करने की अनुमति है। प्रत्येक खाता धारक डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन से अपनी जमा राशि के लिए 5 लाख रुपये तक की डिपॉजिट इंश्योरेंस क्लेम का हकदार होगा।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंक पर 6 महीने तक प्रतिबंध लागू रहेगा। इसकी लगातार निगरानी आरबीआई करता रहेगा। वित्तीय स्थिति में सुधार होने और जमाकर्ताओं के हितों को देखते हुए निर्देशों में बदलाव हो सकते हैं।

इन NBFC पर लगा जुर्माना 

  • आरबीआई ने मुथूट फाइनेंस लिमिटेड पर 5.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा करने के लिए व्यवस्था लागू करने में असफल रही। इसके अलावा पहचान और रिपोर्टिंग के लिए एक मजबूत सॉफ्टवेयर भी लागू नहीं कर पाई।
  • मुथूट व्हीकल एंड ऐसेट फाइनेंशियल लिमिटेड पर 2.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस कंपनी ने भी खातों के जोखिम वर्गीकरणकी समीक्षा के लिए एक सिस्टम स्थापित करने में विफल रही, जो 6 महीने में काम से कम एक बार होना चाहिए था।
  • अवेल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड पर 6.20 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और दो अन्य एनबीएफसी-मिडल लेयर में डायरेक्टर थे। इसके अलावा कंपनी ने रेगुलेटरी सिंगल पार्टी एक्स्पोज़र लिमिट का उल्लंघन भी किया।
  • धानी लोन एंड सर्विसेज लिमिटेड पर 2.70 लाख रूपये की पेनल्टी लगाई गई है। कंपनी नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) के तौर पर कुछ लोन अकाउंट को वर्गीकृत करने में विफल रही।
  • पैन इमामी कॉस्मेड लिमिटेड पर 3.10 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। कंपनी ने पार्टियों के एक ही ग्रुप के लिए क्रेडिट एक्स्पोज़र रेगुलेटरी लिमिट का उल्लंघन किया था।
  • सत्या माइक्रो कैपिटल लिमिटेड पर 3.10 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। यह कंपनी भी नॉन परफॉर्मिंग एसेट के तौर पर कुछ खातों को वर्गीकृत करने में असफल रही।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि कंपनियों से जुड़े ग्राहकों पर इस कारवाई का कोई असर नहीं पड़ेगा। वे पहले ही सभी सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे। सेंट्रल बैंक ने कहा कि, “यह एक्शन विनियामक खामियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य कंपनी और ग्राहकों के बीच हो रही किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट को प्रभावित करना नहीं है।

यहाँ देखें आरबीआई का नोटिफिकेशन 

Manisha Kumari Pandey
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