RBI की बड़ी कार्रवाई: नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, इन 4 बैंकों पर लगा भारी जुर्माना 

आरबीआई ने कई बैंको के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। नियमों का अनुपालन न करने पर जुर्माना लगाया है। 7 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी किया गया है। आइए जानें केन्द्रीय बैंक ने यह कदम क्यों उठाया और इसका ग्राहकों पर असर पड़ेगा या नहीं?
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अगस्त में एक बार फिर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) का एक्शन सामने आया है। एक साथ चार बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। सभी बैंक देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित हैं। नियमों में अनदेखी का पता लगने पर केंद्रीय बैंक ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत यह कदम उठाया है। आरबीआई ने 7 अगस्त को इस कार्रवाई की जानकारी दी है।

इस लिस्ट में अंडमान एंड निकोबार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, द कटिहार डिस्ट्रिक सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (बिहार), द चंस्मा नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड (पाटन गुजरात) और द रायगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (पश्चिम बंगाल) शामिल हैं। किसी ने लोन तो किसी ने केवाईसी से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है।

मार्च 2024 में नाबार्ड/आरबीआई  ने इन बैंकों का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान यह पता लगा कि कुछ बैंक दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन नहीं कर रहे हैं। इसके बाद सभी को नोटिस जारी किया गया, उनसे कारण पूछा गया। रिप्लाई और  दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया। हालाँकि इसका प्रभाव ग्राहकों और बैंक के बीच हो रहे लेन देन या एग्रीमेंट पर नहीं पड़ेगा।

रायगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड

द रायगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को केन्द्रीय KYC रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड नहीं कर पाया। इसके अलावा प्रत्येक ग्राहक के लिए एक विशिष्ट ग्राहक पहचान कोड  बजाय कुछ व्यक्तिगत ग्राहकों को कई ग्राहक पहचान कोड आवंटित किए। इसलिए आरबीआई ने बैंक पर 3.10 लाख रूपये का जुर्माना लगाया है।

अंडमान एंड निकोबार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड

अंडमान एंड निकोबार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने निश्चित समय के भीतर पात्र दावा न की गई राशि को जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष में स्थानांतरित नहीं कर पाया। इसके अलावा खातों के जोखिम वर्गीकरण की अवधि समीक्षा करने में भी विफल रहा, जिसकी आवधिकता कम से कम 6 महीने में एक बार होनी चाहिए थी। इसलिए इस पर 16 लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है।

द कटिहार जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड

द कटिहार जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने निदेशकों से संबंधित लोन स्वीकृत किए। इसके अलावा अपने ग्राहकों की क्रेडिट जानकारी दो क्रेडिट सूचना कंपनियों को प्रस्तुत भी नहीं कर पाया।  इसलिए बैंक पर 3.03 लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है।

द चंस्मा नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड

द चंस्मा नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड पर एक लाख रूपये का जुर्माना आरबीआई ने लगाया है। बैंक ने ग्राहकों को कई चैनलों के जरिए से अनाधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन की रिपोर्ट करने के लिए 24 * 7 पहुंच प्रदान करने में विफल रहा।  अपने ग्राहकों को अनाधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन पर आपत्ति को सूचित करने के लिए एसएमएस पर “रिप्लाई” द्वारा तुरंत प्रतिक्रिया देने में भी देने में सक्षम ही नहीं बना पाया।

Manisha Kumari Pandey
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