इन 3 फाइनेंस कंपनियों ने तोड़े नियम, RBI ने दिखाई सख्ती, लगाया लाखों का जुर्माना 

आरबीआई ने तीन नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों पर सख्ती दिखाई है। नियम तोड़ने पर पेनल्टी लगाई गई है। आइए जानें सेंट्रल बैंक ने यह कदम क्यों उठाया है?
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) देशभर के सभी बैंकों और नॉन बैकिंग फाइनेंस कंपनियों को रेगुलेट करता है। नियमों का अनुपालन करता है। अब आरबीआई ने तीन NBFC पर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।

आरबीआई ने केएलएम एग्जिवा फिनवेस्ट लिमिटेड पर 2.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड पर 10 लाख रुपये और ओला फाइनेंशियल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड पर 3.10 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। एक निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चला था।

कंपनियों को नोटिस जारी किया गया था 

मार्च 2025 तक एनबीएफसी के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए संवैधानिक निरीक्षण किया था। इस दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों का पता चला। जिसे ध्यान में रखते हुए बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया और उनसे पूछा कि उन पर जुर्माना क्यों ना लगाया जाए। इस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों पर के आधार पर जब आरोप सही साबित हुए तो पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।

हालांकि आरबीआई ने अपने नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी ट्रांजैक्शन और एग्रीमेंट पहले की तरह ही जारी रहेंगे। सेंट्रल बैंक ने कहा कि, “यह कार्रवाई विनियामक खामियों पर आधारित है, इसका उद्देश्य ट्रांजैक्शन या एग्रीमेंट की वैधता को प्रभावित करना नहीं है।”

क्या है वजह?

हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड ने कुछ लोन अकाउंट से अधिक इंटरेस्ट कलेक्ट किए। ओला फाइनेंशियल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड कुछ ग्राहकों के लिए जोखिम वर्गीकरण नहीं किया। केएलएम एग्जिवा फिनवेस्ट लिमिटेड ने गिरवी रखी गई सोने की चीजों की नीलामी से मिले उन अधिक पैसों का भुगतान कुछ उधार लेने वालों को करने में नाकाम रही, जो बकाया लोन से ज्यादा था।

यहाँ देखें आरबीआई का नोटिफिकेशन 

Manisha Kumari Pandey
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