रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) बैंकिंग सेक्टर में नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करता है। दिशा निर्देशों का उल्लंघन होने पर अक्सर सख्त कदम उठाता रहता है। अप्रैल में एक और बैंक के खिलाफ आरबीआई ने कार्रवाई की है। हिमाचल प्रदेश में स्थित द हिमाचल प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 7 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसका जानकारी आरबीआई ने 13 अप्रैल को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
31 मार्च 2025 तक नेशनल बैंक ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट नाबार्ड द्वारा किए गए एक निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चला था। यह इंस्पेक्शन बैंक के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए किया गया था। इसके बाद बैंक को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर मिले जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला आरबीआई ने लिया।
बैंक ने तोड़े ये नियम
इस पर बैंक केवाईसी पर भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न करने का आरोप है। बैंक खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा की व्यवस्था लागू नहीं कर पाया। यह समीक्षा 6 महीने में काम से कम एक बार होनी चाहिए थी। ताकि ग्राहकों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ग्राहकों के लिए चिंता का विषय नहीं
कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। इस बात की पुष्टि आरबीआई ने खुद की है। यह कदम विनियामक खामियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य ग्राहकों और बैंक के बीच हो रहे किसी भी ट्रांजेक्शन या एग्रीमेंट की वैधता पर प्रभाव डालना नहीं है। न ही इसका असर भविष्य में होने वाले किसी भी कार्रवाई पर पड़ेगा। आरबीआई ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 की धारा 47ए (1)(सी), सेक्शन 56 और 46(4)(i) के तहत उठाया है।
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