
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) नियमों का उल्लंघन होने पर हमेशा सख्त रुख अपनाता है। अब चार बैंकों पर प्रतिबंध लगाया गया है। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के धारा 35ए और 56 के तहत प्रदान की गई शक्तियों का इस्तेमाल करते करते हुए यह केंद्रीय बैंक ने कदम उठाया गया है। दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप है। इस बात की जानकारी आरबीआई ने आधिकारिक वेबसाइट www.rbi.org.in पर दी है। बता दें कि 7 अक्टूबर को आरबीआई ने महाराष्ट्र के सतारा में स्थित जीजामाता महिला सहकारी बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द कर दिया था।
इस लिस्ट में बघत अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सद्भाव नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित छतरपुर, समर्थ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, ओस्मानाबाद और समर्थ सहकारी बैंक लिमिटेड सोलापुर महाराष्ट्र शामिल हैं। बैंकों को कारोबार बंद करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि इसे बैंकिंग लाइसेंस का रद्द होना नहीं माना जाएगा। 6 महीने तक बैंकों के स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद केंद्रीय बैंक अपना फैसला भी बदल सकता है।
बघत अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
इस बैंक को आरबीआई लिखित पूर्व स्वीकृति के बिना कोई भी ऋण और एडवांस राशि प्रदान करने या नवीनीकृत करने की अनुमति नहीं होगी। निवेश करने, उधार लेने, नई राशि स्वीकार करने और कोई भुगतान वितरित करने से रोका गया है। इसके अलावा कोई समझौता व्यवस्था भी बैंक नहीं कर पाएगा। किसी भी संपत्ति या परिसंपत्ति को बेचने, स्थानांतरित करने या निपटाने की अनुमति होगी। ग्राहकों को 10, 000 रूपये तक की राशि निकालने की अनुमति दी। जमा राशियों के विरुद्ध की ऋण-सेट ऑफ अनुमति भी होगी। इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन, किराया और बिजली बिल आदि पर व्यय भी कर सकता है।
सद्भाव नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित
सद्भाव नागरिक सहकारी बैंक मर्याद्री छतरपुर को 7 अक्टूबर से बिजनेस कर बंद करने का आदेश जारी किया गया है। इसे भी आरबीआई की पूर्व अनुमति के बिना लोन उआ एडवांस स्वीकृति या रिन्यू करने, जमा राशि स्वीकार करने और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने से रोका गया है। हालांकि कर्मचारी वेतन, किराया, बिजली बिल इत्यादि का व्यय करने की अनुमति दी गई है। ग्राहक सर्फ 5000 रुपये तक की राशि निकाल सकते हैं।
इन दो बैंकों के ग्राहक नहीं निकाल पाएंगे पैसे
समर्थ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, ओस्मानाबाद और समर्थ सहकारी बैंक लिमिटेड सोलापुर महाराष्ट्र दोनों को 7 अक्टूबर से कारोबार बंद करने का निर्देश दिया गया है। लोन स्वीकार या रिन्यू करने की अनुमति नहीं होगी। ग्राहकों को खाते से पैसे निकालने की अनुमति नहीं होगी।
बैंकों के कामकाज में सुधार के लिए बोर्ड और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ बातचीत की गई थी। चिंता दूर करने और ग्राहकों के हितों की रक्षा करने के लिए यह कदम अनिवार्य था। बैंक के वित्त स्थिति में सुधार होने तक यह प्रतिबंध प्रभावी रहेंगे। जिसपर आरबीआई निगरानी रखेगा। डीआईसीजीसी से प्रत्येक ग्राहक 5 लाख रुपये तक की मौद्रिक सीमा तक अपनी जमा राशि पर जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा।

