सितंबर में रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की कार्रवाई का सिलसिला जारी है। आरबीआई ने उत्तर प्रदेश में स्थित एक बैंक पर जुर्माना लगाया है। नियमों का सही से अनुपालन न करने पर यह कदम उठाया गया है। इस बात की जानकारी सेंट्रल बैंक ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर 10 सितंबर को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में स्थित जिला सहकारी बैंक लिमिटेड पर 1.15 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने “मेंबरशिप ऑफ क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी बाय कोऑपरेटिव बैंक” और केवाईसी जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है। आरबीआई ने बैंकिंग रेगुलेशन 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत यह कदम उठाया है।
नोटिस जारी कर मांगा स्पष्टीकरण
आरबीआई ने बताया कि 31 मार्च 2025 तक नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) द्वारा किए गए एक निरीक्षण के दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों का पता चला था। इसके बाद बैंक को कारण बताओं नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा गया। इस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद जब आरोप सही साबित हुए, तब पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
बैंक ने तोड़े ये नियम
भारती रिजर्व बैंक बताया कि बैंक उत्तर प्रदेश का यह सरकारी बैंक सभी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों को उधारकर्ताओं की क्रेडिट जानकारी रिपोर्ट नहीं कर पाया। न ही निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड किया। आरबीआई ने यह भी अभी स्पष्ट किया है इस कार्रवाई का असर ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे एग्रीमेंट या लेनदेन पर नहीं पड़ेगा। उन्हें सभी सुविधाओं का लाभ पहले की तरह ही मिलता रहेगा।






