RBI का एक्शन: इन 2 बैंको पर लगा मौद्रिक जुर्माना, कहीं इनमें आपका अकाउंट तो नहीं? 

आरबीआई ने दो बैंको पर पेनल्टी ठोकी है। यह अगस्त में आरबीआई की पहली कार्रवाई है। नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। आइए जानें क्या इस एक्शन का असर ग्राहकों पर भी पड़ेगा?
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अगस्त में रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की कार्रवाई जारी है। RBI ने एक साथ दो सहकारी बैंकों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। बैंकिंग नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में 2 लाख रूपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इस बात की जानकारी केन्द्रीय बैंक ने  4 अगस्त सोमवार को दी है। इस लिस्ट उत्तर प्रदेश और हरियाणा के एक-एक बैंक शामिल हैं।

31 मार्च 2024 को बैंक के फाइनेंशियल स्टेटस को चेक करने के लिए आरबीआई और नाबार्ड ने निरीक्षण किया था। इस दौरान नियमों की अनदेखी का पता चला। केंद्रीय बैंक ने दोनों बैंको को नोटिस जारी किया। नोटिस पर प्राप्त प्रतिक्रिया और जांच के दौरान दी गई प्रस्तुतियों और दस्तावेजों के आधार पर पेनाल्टी लगाने का फैसला लिया गया। हालांकि दोनों ही बैंकों के खिलाफ की गई कार्रवाई का प्रभाव ग्राहकों के साथ हो रहे लेनदेन या एग्रीमेंट पर नहीं पड़ेगा। मतलब खाताधारकों के लिए यह चिंता का विषय नहीं है।

यूपी के इस बैंक पर गिरी गाज 

उत्तर प्रदेश में स्थित गोमती नगरिया सहकारी बैंक लिमिटेड, जौनपुर पर भी आरबीआई ने कार्रवाई की है। इसपर “सुपरवाइजरी एक्शन फ्रेमवर्क यानी एसएएफ के तहत जारी दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न करने का आरोप है। दरअसल, बैंक ने बैंक ने 100% से अधिक अधिक जोखिम भार वाले लोन नए लोन और एडवांस स्वीकृत किए। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की तुलना में अधिक ब्याज दरों वाली एफडी की पेशकश की, जो बैंकिंग नियमों का उल्लंघन है। इसलिए 2 लाख रूपये जुर्माना लगाया गया है।

हरियाणा के इस बैंक पर लगा जुर्माना 

हरियाणा में स्थित द सोनीपत सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 25,000 रूपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक का निरीक्षण नाबार्ड ने मार्च 2024 में किया था। बैंक अपने बैंक अपने उधारकर्ताओं के लोन संबंधी जानकारी सभी चार सीआईसी को प्रस्तुत करने में विफल रहा। ऐसे में आरबीआई द्वारा जारी “मेंबरशिप ऑफ क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी इन को-ऑपरेटिव बैंक्स” से संबंधित दिशा निर्देशों का उल्लंघन हुआ।

Manisha Kumari Pandey
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