2,000 रुपये के नोट पर बड़ी अपडेट, RBI ने जारी किए नए आँकड़े, देखें खबर 

आरबीआई ने 2 हजार रुपये के नोटों को लेकर नए आँकड़े जारी किए हैं। जिसके मुताबिक अभी भी करोड़ों रुपये से नोट बाजार में सर्कुलेट हो रहे हैं। इन्हें वापस करने की सुविधा अभी भी उपलब्ध है। 
rbi update on rs 2000 notes

2 हजार रुपये के नोट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने 2 मार्च को नए आंकड़े जारी कर दिए हैं। 19 मई 2023 को इस मूल्य वर्ग के बैंक नोटों को प्रचलन से वापस लेने की घोषणा की गई थी। वापसी की प्रक्रिया अभी भी जारी है। आरबीआई हर महीने इससे संबंधित डेटा साझा करता रहता है। अंतिम प्रेस रिलीज 2 फरवरी 2026 को जारी की गई थी।

2,000 रुपये के नोट अभी भी वैध मुद्रा यानी लीगल टेंडर में बने हुए हैं। देश भर में इसका इस्तेमाल गैर-कानूनी नहीं माना जाएगा। हालांकि रोजमर्रा के लेनदेन के लिए यह मान्य नहीं होगा। धीरे-धीरे इसे प्रचलन से हटाया जा रहा है। यदि अभी भी किसी व्यक्ति के पास इस मूल्यवर्ग के नोट हैं, तो उन्हें इसे वापस करने की सुविधा भी सेंट्रल बैंक दे रहा है।

क्या कहते हैं नए आँकड़े?

नए आंकड़ों के मुताबिक सर्कुलेशन से वापस लेने की घोषणा से लेकर 28 फरवरी 2026 को कारोबार बार बंद होने तक बाजार में 2 हजार रुपये के नोटों का मूल्य घटकर 5, 551 करोड़ रुपये हो चुका है। फरवरी में यह आंकड़ा 5,609 करोड़ रुपये था। इसके मुताबिक अब 98.44 प्रतिशत 2,000 रुपये के नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ चुके हैं। 19 मई 2023 को जब इस मूल्य वर्ग के नोटों को वापस लेने की घोषणा की गई थी। उस समय बाजार में 2 हजार रुपये से कुल 3.56 लाख रुपये सर्कुलेशन में थे।

कैसे वापस करें नोट?

कोई भी व्यक्ति अभी भी आसानी से इस मूल्य के बैंकिंग नोटों को एक्सचेंज कर सकता है। 7 अक्टूबर 2023 से ही आरबीआई के सभी बैंक शाखों में 2,000 रुपये के नोट को जमा करने और बदलने की सुविधा अभी भी उपलब्ध है। हालांकि सामान्य बैंक ब्रांच में इन नोटों को वापस नहीं किया जा सकता। नोटों को भारतीय डाक सेवा के जरिए आरबीआई के किसी भी इशू ऑफिस को भेज सकते हैं। इसके बाद संबंधित राशि उनके बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।  कुल 19 आरबीआई कार्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews