RBI ने उठाया सख्त कदम, इन 3 बैंकों पर लगाया जुर्माना, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

rbi jobs

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। ग्राहकों की सुरक्षा और नियमों का उल्लंघन देखते हुए अक्सर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) सख्त कदम उठाता रहता है। एक बार फिर 3 सहकारी बैंकों पर आरबीआई की गाज गिरी। आरबीआई के विभिन्न बयानों के मुताबिक 3 सहकारी बैंकों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इन बैंकों पर नियमों का पालन ना करने का आरोप है। सोमवार को बैंकों पर आरबीआई ने एक्शन लेते हुए लाखों का जुर्माना लगाया है। इस लिस्ट में मध्यप्रदेश के दो सहकारी बैंक शामिल हैं। ग्वालियर के डॉ अंबेडकर नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित और विदिशा का नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित पर कार्रवाई की गई है। इस लिस्ट में रावी कॉमर्शियल अर्बन कॉ-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड भी शामिल है।

यह भी पढ़े…LG Ultra PC लैपटॉप हुआ लॉन्च, हल्का वजन, स्टाइलिश डिजाइन, इतनी है कीमत, यहाँ जानें

ग्वालियर के डॉ अंबेडकर नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित पर आरबीआई ने 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। बैंक एक्सपोजर के प्रावधानों को लेकर आरबीआई द्वारा दिए गए कुछ निर्देशों का से पालन ना करने पर केन्द्रीय बैंक ने इस बैंक पर जुर्माना लगाया है। वहीं विदिशा के नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित पर आरबीआई ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस बैंक से केवाईसी के जुड़े नियमों का पालन सही से नहीं किया है।

यह भी पढ़े…बेहतरीन डील्स और डिस्काउंट के साथ आ रही Amazon Great Indian Festival Sale, 900 से ज्यादा नए प्रोडक्ट होंगे लॉन्च

रावी कॉमर्शियल अर्बन कॉ-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड को आरबीआई की कार्रवाई का हिस्सा टर्म डिपॉजिट के ब्याज के भुगतान में चूक होने के बाद बनना पड़ा। इस बैंक पर आरबीआई ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे पहले भी आरबीआई ने पिछले महीने कई बैंकों कर सख्त कार्रवाई की थी और दर्जनों सहकारी बैंकों पर जुर्माना ठोका था।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews