भारतीय Cryptocurrency निवेशकों के लिए राहत की खबर, RBI ने सर्कुलर को बताया अवैध

भारतीय Cryptocurrency निवेशकों के लिए राहत की खबर, RBI ने सर्कुलर को बताया अवैध

आर्डर  की प्रामाणिकता को खारिज करते हुए RBI ने मार्च 2020 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए बयाता कि, 2018 के इस सर्कुलर को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में ही निरस्त कर दिया था, जिसके बाद आरबीआई ने इस सर्कुलर को खारिज कर दिया था।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। 1 जून का दिन भारतीय क्रिप्टोकरेंसी(Cryptocurrency) निवेशकों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। पिछले कई दिनों से क्रिप्टो के बाजार से जुड़ी हुई खबर चैनलों और सोशल मीडिया पर चल रही थी जिसमे भारतीय रिजर्व बैंक( reserve bank of india) के सर्कुलर(circular) का हवाला देते हुए निवेशकों को बैंक द्वारा वर्चुअल करेंसी(virtual currency) के खरीदने और बेचने की सुविधाएं देने के लिए मना किया जा रहा था।

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आरबीआई ने कहा कि उन्हें यह जानकारी हाल ही मीडिया रिपर्ट्स द्वारा प्राप्त हुई जिसमें उनके 6 अप्रैल 2018 के ऑर्डर” RBI circular DBR.No.BP.BC.104/08.13.102/2017-18 dated April 06, 2018 “के बिनाह पर बैंकों द्वारा ग्राहकों को वर्चुअल करेंसी के लिए सेवा देने के लिए साफ तौर माना किया जा रहा था। इतना ही नहीं एचडीएफसी(HDFC) बैंक और एसबीआई(S.B.I) बैंक ने तो ग्राहकों के खाते तक बंद करने तक की बात कह डाली। जिसके बाद ग्राहकों में काफी निराशा का माहौल था।

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ऑर्डर की प्रामाणिकता को खारिज करते हुए RBI ने मार्च 2020 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए बयाता कि, 2018 के इस सर्कुलर को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में ही निरस्त कर दिया था, जिसके बाद आरबीआई ने इस सर्कुलर को अवैध्य(invalid) कर दिया था।

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हालांकि आरबीआई ने बैंकों और दूसरी विनियमित इकाइयों को साफ तौर पर कहा है की वे ग्राहकों को सेवाएं देते समय सभी विनियमों(regulations) का पूर्णतः पालन करें, जैसे “know your customer” नॉर्म (norms), एंटी मनी लांड्रिंग(Anti Money Laundering) नॉर्म्स, कंबेटिंग ऑफ फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म (Combating of financing of terrorism) नॉर्म्स, एवं प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट(Prevention of Money Laundering Act) के तहत ऑब्लिगेशन ऑफ रेगुलेटेड एंटिटीज(Obligation of Regulated entities) नॉर्म्स। साथ ही अगर कोई पैसा विदेश से देश में आता है “रेमिटेंस(remittances)” के तौर पर तो उस पर “फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट(Foreign Exchange Management Act” के सभी जरूरी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

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आपको बता दें हाल ही में भारतीय क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफार्म wazirx को इन सभी खबरों के चलते न केवल नुकसान उठाना पड़ा बल्कि ग्राहकों के गुस्से का भागी भी होना पड़ा।पहले आईसीआईसीआई बैंक और फिर paytm बैंक द्वारा पैसे जमा करने की सेवा बंद करते की ग्राहकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा था। आरबीआई के इस आदेश का wazirx के सीईओ निश्चल शेट्टी ने स्वागत कर बैंक को धन्यवाद दिया, साथ ही उन्होंने जल्द ही बैंक डिपॉजिट सेवा जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने का आश्वासन भी ग्राहकों को दिया है।

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