
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आपके लिए यह जरूरी खबर हो सकती है। बता दें कि बाजार नियामक सेबी ने अब विदेशी निवेशकों के लिए अनुपालन को और सरल बनाने के लिए कुछ नए नियम जोड़े हैं। सेबी ने हाल ही में आईपीओ से जुड़े नियम बनाए हैं। सेबी का लक्ष्य कम जोखिम वाले विदेशी निवेशकों के लिए पंजीकरण एवं निवेश प्रक्रिया को आसान बनाना है।
दरअसल, इसके लिए एक नया एकल खिड़की ढांचा स्वागत एफआई पेश करने का निर्णय लिया गया है, जिससे बार-बार अनुपालन एवं दस्तावेज पेश करने की जरूरत घट जाएगी और निवेश की प्रक्रिया आसान होगी। चलिए जानते हैं सेबी ने क्या नए नियम बनाए हैं।
क्यों दिया गया इसे स्वागत एफआई नाम?
दरअसल, सेबी द्वारा विदेशी निवेशकों के लिए भरोसेमंद, स्वचालित और सामान्यीकृत पहुंच की एकल खिड़की व्यवस्था को स्वागत एफआई नाम दिया गया है। सेबी के अध्यक्ष तुहिनकांत पांडे ने नए निदेशक मंडल की बैठक के बाद इसे लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कम जोखिम वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक और विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक दोनों के लिए निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। इस ढांचे से सरकारी स्वामित्व वाले कोष जैसे सरकारी बैंक, सरकारी संपत्ति के कोष, बहुपक्षीय संस्थाएं, बीमा कंपनियां और पेंशन फंड जैसे निवेश को भी सुविधा मिलेगी।
पंजीकरण की वैधता अवधि को भी बढ़ाया
सेबी की ओर से पंजीकरण की वैधता अवधि को भी बढ़ा दिया गया है। पहले यह अवधि 3 से 5 साल थी, जिसे अब 10 साल कर दिया गया है। साथ ही वैकल्पिक रूप से सभी निवेश निवेशकों के एक डीमैट खाते में रखे जा सकेंगे। इसके साथ ही, सेबी द्वारा आईपीओ के कुछ नियम भी बदले गए हैं। सेबी का कहना है कि आवश्यक प्रक्रियागत सुधार पूरे होने के बाद इस ढांचे को पूरी तरह से लागू किया जाएगा। फिलहाल, इसे पूरी तरह से लागू होने में 6 माह लगेंगे। जून 2025 तक 11,913 एफपीआई रजिस्टर्ड थे, जिनमें से 80.83 लाख करोड़ रुपए की परिसंपत्तियां थीं। अनुमान है कि 70% से ज्यादा परिसंपत्तियां स्वागत एफपीआई निवेशकों के पास होंगी।
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