साल 2026 का आम बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा, और इस दिन रविवार होने के बावजूद देश के प्रमुख शेयर बाजारों में सामान्य दिनों की तरह कारोबार होगा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने शुक्रवार को एक सर्कुलर जारी कर इस विशेष ट्रेडिंग सत्र की घोषणा की है। यह ऐतिहासिक कदम इसलिए उठाया गया है ताकि निवेशक और ट्रेडर्स बजट घोषणाओं पर तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दे सकें।
एक्सचेंजों का मानना है कि इस फैसले से बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। आमतौर पर बजट के बाद अगले कारोबारी दिन बाजार में बहुत बड़ा गैप-अप या गैप-डाउन देखने को मिलता है। रविवार को बाजार खुला रहने से निवेशकों को अपनी पोजीशन को संभालने और भारी उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने का अवसर मिलेगा।
सामान्य समय पर होगी ट्रेडिंग
BSE और NSE द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, 1 फरवरी को बाजार का समय बिल्कुल वैसा ही रहेगा जैसा सामान्य कारोबारी दिनों (सोमवार से शुक्रवार) में होता है। सुबह 9:00 बजे से 9:08 बजे तक प्री-ओपन सेशन चलेगा, जिसके बाद सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक नियमित ट्रेडिंग होगी। यह नियम इक्विटी सेगमेंट के साथ-साथ फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) यानी डेरिवेटिव्स सेगमेंट पर भी लागू होगा।
बजट और बाजार की अस्थिरता
बजट पेश होने के दिन शेयर बाजार में काफी हलचल रहती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब सुबह 11 बजे अपना बजट भाषण शुरू करेंगी, तो हर घोषणा पर बाजार की नजरें टिकी रहेंगी। टैक्स स्लैब में बदलाव, विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवंटन और नई सरकारी योजनाओं जैसे बड़े ऐलानों का असर तुरंत शेयरों की कीमतों पर पड़ता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्पेशल सेशन से इस अस्थिरता को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकेगा।
पहले भी हो चुके हैं विशेष सत्र
हालांकि रविवार को बजट पेश होना और बाजार का खुलना एक दुर्लभ घटना है, लेकिन इससे पहले भी छुट्टी के दिन बजट के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए हैं। साल 2015 और 2020 में जब बजट शनिवार को पेश किया गया था, तब भी शेयर बाजारों को खुला रखा गया था।
T+0 सेटलमेंट की सुविधा नहीं
एक्सचेंज ने यह भी स्पष्ट किया है कि रविवार को ट्रेडिंग तो होगी, लेकिन कुछ सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। इस दिन ‘T+0 सेटलमेंट’ (उसी दिन शेयरों का निपटान) और ‘ऑक्शन सेशन’ का आयोजन नहीं किया जाएगा। बैंकों में अवकाश होने के कारण फंड का सेटलमेंट अगले कारोबारी दिन ही पूरा हो सकेगा।
निर्मला सीतारमण का 9वां बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह लगातार 9वां बजट होगा। इसके साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा 10 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के और करीब पहुंच जाएंगी। इस बार के बजट से मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़े ऐलान की उम्मीदें हैं।
गौरतलब है कि 2017 से पहले बजट फरवरी के आखिरी कार्य दिवस पर पेश होता था। तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे 1 फरवरी कर दिया था, ताकि नए वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले वित्तीय योजनाएं लागू की जा सकें। इसी तरह, 1999 में यशवंत सिन्हा ने बजट पेश करने का समय शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे किया था, जो परंपरा आज भी जारी है।





