भारत की सफलतम SaaS कंपनियों में से एक Zoho Corporation के संस्थापक श्रीधर वेम्बू इन दिनों अपने कारोबार नहीं, बल्कि निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया की एक अदालत ने उनके और उनकी पूर्व पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन के बीच चल रहे तलाक के मामले में एक बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने वेम्बू को 1.7 बिलियन डॉलर का भारी-भरकम बॉन्ड जमा करने को कहा है, जिससे यह भारत के सबसे महंगे तलाक के मामलों में से एक बन गया है।
यह मामला तब सामने आया जब प्रमिला श्रीनिवासन ने नवंबर 2024 में कोर्ट में अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीधर वेम्बू ने तलाक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद कंपनी की संपत्तियों और एसेट्स को गुपचुप तरीके से ट्रांसफर किया। अदालत ने जनवरी 2025 में माना कि यह ट्रांसफर कोर्ट के अस्थायी प्रतिबंध आदेश का उल्लंघन था। इसी के चलते जज ने वेम्बू को यह बॉन्ड जमा करने का निर्देश दिया, ताकि संपत्तियों को अमेरिका से बाहर ले जाने या छिपाने से रोका जा सके।
कौन हैं पद्मश्री विजेता श्रीधर वेम्बू?
श्रीधर वेम्बू का जन्म 1968 में तमिलनाडु के एक सामान्य परिवार में हुआ था। उन्होंने IIT मद्रास से इंजीनियरिंग और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। 1996 में उन्होंने अपने भाइयों और एक दोस्त के साथ मिलकर AdventNet नाम की कंपनी शुरू की, जिसे आज दुनिया Zoho Corporation के नाम से जानती है। Zoho पूरी तरह से एक बूटस्ट्रैप्ड कंपनी है, जिसमें कोई बाहरी निवेशक नहीं है। Forbes के अनुसार, वेम्बू की कुल संपत्ति लगभग 5.8 बिलियन डॉलर है और उन्हें 2021 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।
प्रमिला श्रीनिवासन: एक सफल उद्यमी और समाजसेवी
श्रीधर वेम्बू की पूर्व पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन की अपनी एक अलग पहचान है। वे खुद इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पीएचडी हैं। उन्होंने Medicalmine Inc. नाम की एक हेल्थकेयर टेक कंपनी की स्थापना की है। इसके अलावा, वह The Brain Foundation नाम की एक संस्था भी चलाती हैं, जो ऑटिज्म से पीड़ित लोगों के लिए रिसर्च और सपोर्ट का काम करती है। श्रीधर और प्रमिला की शादी 1993 में हुई थी और वे करीब 30 साल साथ रहे। उनका एक बेटा है, जो ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित है।
क्या हैं तलाक के विवाद की जड़ें?
प्रमिला ने 2021 में अमेरिका में तलाक की अर्जी दी थी। उनका मुख्य आरोप यह है कि 2020 में वेम्बू उन्हें और उनके ऑटिज्म से पीड़ित बेटे को अमेरिका में अकेला छोड़कर भारत आ गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि वेम्बू ने Zoho की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और शेयर अपनी बहन राधा वेम्बू के नाम ट्रांसफर कर दिए, ताकि तलाक के सेटलमेंट में उन्हें उनका कानूनी हिस्सा न देना पड़े। वहीं, श्रीधर वेम्बू ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि बेटे की बीमारी के कारण परिवार पर पड़े मानसिक दबाव की वजह से उनकी शादी टूटी। उनके वकीलों ने भी संपत्ति ट्रांसफर के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।





