UPI यूजर्स के लिए बड़ी खबर: नवंबर में बदल जाएंगे ये नियम, NPCI ने किया ऐलान

एनपीसीआई ने यूपीआई सेटलमेंट प्रोसेस में बदलाव करने का ऐलान किया है। विवाद निपटान के लिए दो नए चक्र जोड़े गए हैं। बैंकों को निर्देश भी जारी किए गए हैं। नए नियमों की जानकारी यूजर्स को होनी चाहिए। 
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यूपीआई यूजर्स के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने प्राधिकरण और विवाद लेनदेन के लिए यूपीआई सेटलमेंट साइकिल से जुड़े नियमों (UPI New Rules) में बदलाव किया गया है। इससे संबंधित सर्कुलर भी एनपीसीआई ने जारी किया। नए नियम 3 नवंबर से लागू होंगे। सभी सदस्य बैंकों को जरूरी बदलाव और संशोधित निपटान् संरचना का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है।

वर्तमान में यूपीआई, आरटीजीएस के जरिए प्रतिदिन 10 निपटान साइकिल को प्रोसेस करता है। प्रत्येक चक्र में प्राधिकरण निपटा और विवाद निपटान दोनों शामिल होते हैं। लेकिन अब लेकिन अब विवाद और प्राधिकरण निपटान को अलग-अलग करने का फैसला लिया गया है। इस प्रक्रिया को लेकर नहीं रूपरेखा तैयारी तैयार की गई है।

एनपीसीआई ने क्यों उठाया यह कदम?

एनपीसीआई ने यह कदम लेनदेन की मात्रा में वृद्धि को देखते हुए उठाया है। इससे सेटलमेंट प्रक्रिया निर्बाध और पहले से बेहतर होगी। विवादों का निपटान समय पर सुनिश्चित होगा। इस बदलाव से लाखों यूजर्स को इससे फायदा होगा।

नवंबर में क्या-क्या बदलेगा?

सेटलमेंट साइकिल 1 से 10 तक केवल प्राधिकरण लेनदेन शामिल होंगे। इन चक्रों में किसी भी विवाद का निपटारा नहीं किया जाएगा। मौजूदा कट ओवर समय या  आरटीजीएस पोस्टिंग समय सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।  विवाद से जुड़े निपटान प्रतिदिन दो बार साइकिल 11 और 12 में किए जाएंगे। इन चक्रों में केवल विवाद संबंधित (Dispute) लेनदेन शामिल होंगे। इस दौरान कोई भी प्राधिकरण निपटान नहीं किया जाएगा। एनटीसीएल फाइल नॉमिनेशन परंपरा में पहचानकर्ता डीसी-1 और डीसी-2  शामिल होंगे।

साइकिल का अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। अन्य निपटान नियम कोई बदलाव नहीं किए हैं। इस लिस्ट में निपटान समय, समाधान रिपोर्ट, जीएसटी रिपोर्ट, प्राधिकरण निपटान विवादों के लिए टीएटी, ग्राहक मुआवजा इत्यादि शामिल हैं।

अब कतर में भी यूपीआई स्वीकार 

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस डिजिटल पेमेंट का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। भारत में ही कई दुनिया के कई देशों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इस लिस्ट में अब कतर भी शामिल हो चुका है। एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और कतर नेशनल बैंक ने मर्चेंट टर्मिनल के लिए यूपीआई को स्वीकृति दी है। कटर ड्यूटी फ्री पहला लाइव मर्चेंट बना है। भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका और यूएई में पहले से ही यूपीआई इस्तेमल किया जा रहा है।

Manisha Kumari Pandey
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