CBSE Board: सीबीएसई ने किया नियमों में बड़ा बदलाव, बढ़ाई एक सेक्शन में अधिकतम छात्रों की सीमा, सभी स्कूलों को नोटिस जारी

सीबीएसई ने हर सेक्शन में छात्रों के संख्या को बढ़ा दिया है। अब स्कूल एक सेक्शन में 40 से अधिक या 45 विद्यार्थियों को शामिल कर पाएंगे। ये छूट कुछ मामलों में ही मिलेगी।
cbse news

CBSE Board News: केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने स्कूलों में हर सेक्शन के लिए छात्रों की अधिकतम सीमा को बढ़ाने की घोषणा कर दी है। इस संबंध में सीबीएसई ने सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रमुख और मैनेजर को सर्कुलर भी जारी किया है। अब हर कक्षा के एक सेक्शन में 45 छात्र होंगे।  इससे पहले एक अनुभाग में 40 छात्रों को शामिल करने की अनुमति थी।

अलग-अलग मामलों के आधार पर उपलब्ध होगी सुविधा

2 अगस्त 2023 को सीबीएसई द्वारा जारी किए सर्कुलर के अनुसार एक सेक्शन में छात्रों की अधिकतम संख्या 40 निर्धारित की गई थी। स्कूलों में प्रत्येक बच्चे को एक वर्ग मीटर निर्मित फर्श उपलब्ध करवाना जरूरी था। लेकिन अब छात्रों की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर 45 कर दिया है। बोर्ड ने निर्देश दिया कि कि इस सुविधा का उपयोग सामान्य नियम के तौर पर न करें। यह छूट अलग-अलग मामलों के आधार पर उपलब्ध होगी। इसका लाभ उठाने के लिए स्कूलों को संबंधित क्षेत्री कार्यालय में सहायक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा।

विवेकपूर्ण तरीके से उठायें सुविधा का लाभ-सीबीएसई

बोर्ड ने स्कूलों इस सुविधा का इस्तेमाल बहुत ही विवेकपूर्ण तरीके से करने की सलाह दी है। साथ ही स्कूल को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि एक सेक्शन में छात्रों की संख्या 40 से अधिक न हो।

छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए स्कूल 30 जून तक करें आवेदन, ये हैं शर्तें

यदि कोई स्कूल संबद्धता उपनियमों के तहत भूमि की उपलब्धता और कमरों की संख्या जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करता है तो वह छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए SARAS पोर्टल पर आवेदन कर सकता है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून है।”

बोर्ड ने क्यों उठाया इतना बड़ा कदम?

सीबीएसई ने नोटिस ने कहा, “माता-पिता के ट्रांसफर के कारण बीच सेशन में कक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों, आवश्यक रिपीट कैटेगरी छात्रों में मामलों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने बीच सत्र, दोहराए गए श्रेणी के छात्रों को समायोजित करने के लिए छात्रों की संख्या 45 तक बढ़ाने का आंशिक संशोधन किया है।”

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews