मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC ने राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। रिजल्ट आने के बाद हजारों उम्मीदवारों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। इस बार कुल 3786 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए चुना गया है।
आयोग की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार 3055 उम्मीदवारों को रेगुलर मेरिट लिस्ट में रखा गया है, जबकि 731 उम्मीदवारों को प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में शामिल किया गया है। रिजल्ट जारी होते ही सोशल मीडिया पर भी MPPSC Result 2026 चर्चा का विषय बन गया।
दो हिस्सों में क्यों जारी हुआ MPPSC रिजल्ट?
इस बार MPPSC प्रीलिम्स रिजल्ट 2026 को दो अलग-अलग भागों में जारी किया गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह OBC आरक्षण से जुड़े कोर्ट केस बताए जा रहे हैं। आयोग ने साफ कहा है कि राज्य सेवा परीक्षा 2019 से जुड़े लंबित मामलों और सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के कारण यह व्यवस्था लागू की गई है। इसी वजह से 87 प्रतिशत पदों के लिए रेगुलर चयन सूची बनाई गई है, जबकि बाकी 13 प्रतिशत पदों को अस्थायी यानी प्रोविजनल रखा गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि रेगुलर और प्रोविजनल लिस्ट अलग-अलग रहेंगी और बाद में इनमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

26 अप्रैल को हुई थी परीक्षा
MPPSC की प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी। परीक्षा मध्य प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों में दो चरणों में कराई गई थी। परीक्षा में बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा खत्म होने के बाद से ही उम्मीदवार रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। अब रिजल्ट जारी होने के साथ ही मुख्य परीक्षा की तैयारी भी तेज हो गई है।
कुल कितने पदों पर होगी भर्ती?
आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 156 पद भरे जाएंगे। इनमें अलग-अलग वर्गों के लिए सीटें तय की गई हैं। सामान्य वर्ग के लिए 41 पद रखे गए हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के लिए 42 पद तय किए गए हैं। अनुसूचित जाति के लिए 20 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 33 पद निर्धारित हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के लिए 20 सीटें रखी गई हैं। इसके अलावा दिव्यांग और पूर्व सैनिक उम्मीदवारों के लिए भी आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
OBC आरक्षण को लेकर फिर बढ़ी चर्चा
MPPSC Result 2026 के साथ एक बार फिर OBC आरक्षण का मुद्दा चर्चा में आ गया है। आयोग ने बताया कि OBC वर्ग के 42 पदों में से 26 पद रेगुलर लिस्ट में रखे गए हैं, जबकि 16 पदों को प्रोविजनल कैटेगरी में शामिल किया गया है। अब अंतिम फैसला अदालत के निर्णय के बाद ही तय होगा। इसी वजह से कई उम्मीदवारों के बीच असमंजस की स्थिति भी बनी हुई है।
मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुटे उम्मीदवार
प्रीलिम्स रिजल्ट जारी होने के बाद अब उम्मीदवारों का पूरा फोकस मुख्य परीक्षा पर है। जिन छात्रों का चयन हुआ है, वे अब मेन्स एग्जाम की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्य परीक्षा में सफल होने के लिए आंसर राइटिंग प्रैक्टिस, करंट अफेयर्स और टाइम मैनेजमेंट पर खास ध्यान देना होगा। इस बार प्रतियोगिता भी काफी कड़ी मानी जा रही है।






