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गंगा स्नान के नियम: गंगा दशहरा से पहले जरूर जानें सही विधि, वरना कम हो सकता है पुण्य लाभ

Written by:Bhawna Choubey
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गंगा दशहरा 2026 से पहले गंगा स्नान को लेकर जानें सही नियम और आम गलतियां, क्योंकि छोटी-सी लापरवाही भी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुण्य फल को प्रभावित कर सकती है और स्नान का पूरा लाभ नहीं मिलता
गंगा स्नान के नियम: गंगा दशहरा से पहले जरूर जानें सही विधि, वरना कम हो सकता है पुण्य लाभ

गंगा दशहरा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व माना जाता है, जो ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। साल 2026 में यह पर्व 25 मई, सोमवार को पड़ रहा है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं, इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा स्नान करने से जीवन के पापों का नाश होता है और मनुष्य को शुद्धता, शांति और मोक्ष का मार्ग मिलता है। लेकिन शास्त्रों में यह भी स्पष्ट कहा गया है कि यदि गंगा स्नान सही नियमों के साथ न किया जाए तो उसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

गंगा स्नान में होने वाली आम गलतियां

गंगा स्नान करते समय कई लोग अनजाने में कुछ गलतियां कर देते हैं, जिनका असर धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। सबसे पहली गलती महिलाओं द्वारा खुले बालों में स्नान करना माना जाता है। परंपरा के अनुसार गंगा में प्रवेश करते समय बाल बांधकर रखना चाहिए। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे अनुशासन और शुद्धता का प्रतीक माना गया है। इसके अलावा कई लोग अशुद्ध अवस्था या सूतक के दौरान गंगा स्नान कर लेते हैं, जिसे शास्त्रों में उचित नहीं माना गया है। मान्यता है कि ऐसी स्थिति में किया गया स्नान पूर्ण पुण्य फल नहीं देता।

गंगा स्नान के सही नियम और डुबकी का महत्व

गंगा स्नान करते समय डुबकी लगाने का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं में कहा गया है कि हमेशा विषम संख्या में डुबकी लगानी चाहिए जैसे 1, 3, 5, 7 या 11। स्नान करते समय गंगा माता और भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए और मन से अपने पापों की क्षमा मांगनी चाहिए। इससे मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। इसके अलावा गंगा जल में किसी भी प्रकार का साबुन, शैम्पू या रासायनिक पदार्थ का उपयोग नहीं करना चाहिए। यह नदी की पवित्रता को बनाए रखने के लिए आवश्यक माना जाता है।

Bhawna Choubey
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मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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