जब भी हम नया घर बनाते हैं या पुराने घर का रिनोवेशन करवाते हैं, तो दीवारों के रंग पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि घर की छत का रंग भी हमारे जीवन पर असर डालता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार छत का सही रंग घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है और परिवार के लोगों के मन को शांत रखता है।
अगर छत का रंग सही चुना जाए, तो घर का माहौल खुशनुमा बना रहता है। वहीं गलत रंग मानसिक तनाव, बेचैनी और नकारात्मकता भी बढ़ा सकते हैं। इसलिए घर की छत के लिए हल्के और शांत रंगों को सबसे अच्छा माना गया है।
सफेद रंग की छत क्यों मानी जाती है सबसे शुभ?
वास्तु शास्त्र में सफेद और ऑफ-व्हाइट रंग को घर की छत के लिए सबसे शुभ माना जाता है। सफेद रंग शांति, साफ-सफाई और सकारात्मक सोच का प्रतीक होता है। यह रंग कमरे में रोशनी को ज्यादा फैलाता है, जिससे घर खुला और बड़ा दिखाई देता है। सफेद रंग मन को शांत रखता है और परिवार के लोगों के बीच प्यार और तालमेल बढ़ाने में मदद करता है।
हल्का पीला रंग लाता है खुशहाली
वास्तु के अनुसार हल्का पीला रंग बहुत शुभ माना जाता है। यह रंग भगवान बृहस्पति से जुड़ा माना जाता है और ज्ञान, सकारात्मक सोच और खुशहाली का प्रतीक होता है। अगर घर की छत पर हल्का पीला रंग कराया जाए, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। पूजा घर, बच्चों के स्टडी रूम या पढ़ाई वाले कमरे में यह रंग सबसे अच्छा माना जाता है।
हल्का नीला रंग देता है सुकून
अगर आप बेडरूम या बच्चों के कमरे की छत के लिए रंग चुन रहे हैं, तो हल्का नीला या स्काई ब्लू रंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है। नीला रंग आसमान और पानी का प्रतीक माना जाता है। यह मन को ठंडक देता है और तनाव कम करने में मदद करता है। वास्तु के अनुसार यह रंग अच्छी नींद और मानसिक शांति के लिए फायदेमंद माना जाता है।
छत का रंग हमेशा दीवारों से हल्का रखें
वास्तु शास्त्र में माना जाता है कि घर की छत का रंग हमेशा दीवारों के रंग से हल्का होना चाहिए। इससे घर में संतुलन बना रहता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सही तरीके से होता है।
अगर दीवारें गहरे रंग की हों और छत भी डार्क कलर की हो, तो कमरा छोटा और भारी महसूस होने लगता है। इससे मन पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। हल्के रंग की छत घर को खुला, शांत और आरामदायक महसूस कराती है।
किन रंगों से बचना चाहिए?
वास्तु के अनुसार घर की छत पर बहुत ज्यादा गहरे रंगों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। काला, गहरा लाल या बहुत डार्क ग्रे रंग नकारात्मकता बढ़ा सकते हैं। ऐसे रंग मन में भारीपन और तनाव पैदा कर सकते हैं। खासकर बेडरूम और बच्चों के कमरे में गहरे रंगों से बचने की सलाह दी जाती है। अगर घर में पहले से ऐसा कोई रंग है और उसे बदलना संभव नहीं है, तो हल्की लाइटिंग या सजावट के जरिए ऊर्जा को संतुलित किया जा सकता है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।






