नीमच जिले की सिंगोली नगर परिषद् में शुक्रवार को भारी प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिली। नगर में सार्वजनिक संपत्ति को हो रहे नुकसान और कथित घोटालों के खिलाफ जब ब्लॉक कांग्रेस, नगर कांग्रेस के नेता और आम नागरिक ज्ञापन सौंपने नगर परिषद कार्यालय पहुंचे, तो वहां कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। घंटों इंतजार के बाद आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) की खाली कुर्सी पर ही अपना ज्ञापन चस्पा कर दिया और जमकर नारेबाजी की।
सिंगोली में आज बड़ी संख्या में नागरिक और कांग्रेस कार्यकर्ता नगर परिषद् कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। इस दौरान व्यवस्था और प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने “भूखंड घोटाला बंद करो” के जमकर नारे लगाए। आक्रोशित भीड़ ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि “अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है।”
पार्क की बाउंड्रीवॉल चोरी करने के आरोप
खाली कुर्सी पर चिपकाए गए और पुलिस थाना प्रभारी को प्रेषित किए गए शिकायत पत्र के अनुसार, यह पूरा मामला भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जे के प्रयास से जुड़ा प्रतीत होता है। ज्ञापन में बताया गया है कि वार्ड नंबर 03 स्थित राजीव आवास योजना में नगर पंचायत द्वारा निर्मित सार्वजनिक बगीचे (पार्क) में असामाजिक तत्वों ने भारी तोड़फोड़ की है।
पार्क में लगे हरे भरे पेड़ काटने के आरोप
आरोप है कि इन तत्वों ने बगीचे की सुरक्षा के लिए बनाई गई चारदीवारी (बाउंड्रीवॉल) को तोड़ दिया है और वहां लगी कीमती लोहे की जालियां चुरा ली हैं। बात यहीं खत्म नहीं हुई, सरकारी जमीन को साफ़ करने की नीयत से वहां लगे बड़े-बड़े हरे पेड़ों को काट दिया गया है और सबूत मिटाने के लिए उनके निशान तक नष्ट कर दिए गए हैं।
सार्वजनिक पार्क पर भूखंड काटना गैरकानूनी
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि राजीव गांधी आवासीय योजना के तहत आरक्षित पार्क की भूमि पर नगर परिषद् एन भूखंड काट दिए हैं जो नियम विरुद्ध है , इसपर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा है, कब्ज़ा करने की नीयत से पार्क को उजाड़ा जा रहा है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है
कांग्रेस नेताओं ने दोषियों पर एफआईआर की मांग की
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपना कड़ा रोष व्यक्त करते हुए पंकज तिवारी ने कहा- सिंगोली नगर परिषद में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही चरम पर है। दिनदहाड़े सार्वजनिक संपत्तियों को नष्ट किया जा रहा है और भू-माफियाओं को खुली छूट दे दी गई है। जब जनता और विपक्ष के लोग अपनी जायज शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुर्सियां छोड़कर नदारद हो जाते हैं। यह सीधा संकेत है कि प्रशासन और असामाजिक तत्वों के बीच गहरी मिलीभगत है। उन्होंने कहा खाली कुर्सी पर ज्ञापन चिपकाना हमारे विरोध का पहला और सांकेतिक कदम है। अगर बगीचे में तोड़फोड़ करने वाले दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करेगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने सिंगोली नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। एक तरफ शहर में सरेआम सरकारी संपत्ति और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनता की सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। अब देखना यह है कि खाली कुर्सी पर चिपकाए गए इस ज्ञापन के बाद प्रशासन नींद से जागता है या भू-माफियाओं के हौसले यूं ही बुलंद रहते हैं।








