Hindi News

“परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम को लेकर UGC ने जारी किया उच्च शिक्षा संस्थानों को नोटिस, दिए ये निर्देश, पढ़ें पूरी खबर 

Published:
इस बार परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन हुए हैं। यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों को नोटिस जारी किया है। आइए जानें आयोग ने क्या कहा?
“परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम को लेकर UGC ने जारी किया उच्च शिक्षा संस्थानों को नोटिस, दिए ये निर्देश, पढ़ें पूरी खबर 

UGC Notice: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शिक्षा संस्थानों को “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम को लेकर हम नोटिस जारी किया है। आयोग ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को  कार्यक्रम की को लेकर कुछ निर्देश दिए हैं।

यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों को उनके ऑफिशियल वेबसाइट वेबसाइटों पर कार्यक्रम से संबंधित बैनर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है। HEIs अपने प्रमुख स्थान पर रचनात्मक सामग्री प्रदर्शित कर सकते हैं। संस्थाओं को सार्वजनिक नोटिस बोर्ड, डिजिटल बोर्ड, स्टैंडिज के जरिए प्रचार और प्रसार करने की सलाह आयोग ने दी है। इसके अलावा इन प्रचार सामग्रियों में रजिस्ट्रेशन के लिए QR कोड लिंक शामिल करने का अनुरोध भी यूजीसी ने ने कॉलेज और विश्वविद्यालय से किया है।

यूजीसी ने क्या कहा? (University Grants Commission)

आयोग ने कहा, “शिक्षकों से अनुरोध है कि वह पीपीसी 2025 के मुख्य कार्यक्रम को देखने के लिए बैनर के प्रदर्शन के लिए आवश्यक व्यवस्था करें और छात्रों और शिक्षकों और सरकार सदस्यों के बीच इस जानकारी का प्रसार करें। ताकि परीक्षाओं के उत्सव “परीक्षा पे चर्चा” को मनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।

14 जनवरी से आवेदन की आखिरी तारीख (Pariksha Pe Charcha)

“परीक्षा पे चर्चा” के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 14 जनवरी 2025 है।  कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों,  शिक्षकों और अभिभावकों का चयन ऑनलाइन बहुविकल्पीय प्रश्न प्रतियोगिता के माध्यम से हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक इस साल प्रोग्राम के लिए 3 करोड़ से अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया है। बताया जा रहा है कि यह आंकड़ा इतिहास में सबसे अधिक है।  इसके अलावा 9 लाख से अधिक शिक्षक को और 5 लाख से अधिक अभिभावकों ने प्रोग्राम के लिए पंजीकरण किया है। कार्यक्रम का आयोजन  जनवरी 2025 में भारत मंडपम, नई दिल्ली टाउन हॉल में आयोजित किया जाएगा।

ugc notice

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews