परीक्षा में देरी और सही समय पर फाइनल सर्टिफिकेट प्राप्त न होने पर छात्रों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसका असर उनके करियर पर पड़ता है। सही समय पर नौकरी भी नहीं मिल पाती है। आगे की पढ़ाई पर इसका प्रभाव पड़ता है। इसे लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सख्त कदम उठाया है। इस संबंधित नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है।
यूजीसी ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को सही समय पर परीक्षा आयोजित करने और छात्रों को अकादमी अवार्ड जारी करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में आयोग ने कहा कि, “यूजीसी के संज्ञान में आया है कि कुछ हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन समय पर परीक्षा परीक्षा आयोजित नहीं कर रहे हैं। कुछ संस्थान तों स्टूडेंट को डिग्री और फाइनल सर्टिफिकेट करने में देरी करते हैं। जिसके कारण सही और अच्छी नौकरी पाने में अच्छी नौकरी नहीं मिल पाती। अकाडेमिक प्रोस्पेक्टस पर भी इसका असर पड़ता है।”
क्या हैं नियम? (UGC Rules)
यूजीसी रेगुलेशंस 2008 के क्लोज 4.4 में यह प्रोविजन है की डिग्री देने की तारीख के 180 दिन के अंदर होगी, जब तक स्टूडेंट के क्वालीफाई करने और उनके लिए एलिजिबल होने की उम्मीद है। हिन यूजीसी गाइडलाइंस फॉर स्टूडेंट एंड इनटाइटलमेंट 2012 के क्लोज 2.6 के में यह कहा गया है कि प्रोस्पेक्टस में अकादेमिक कैलेंडर में बताए गए समय पर परीक्षा का आयोजन और रिजल्ट घोषित करना अनिवार्य है। इसके अलावा छात्रों को रिजल्ट घोषित होने के 180 दिनों के भीतर डिग्री पाने का अधिकार भी है।
नियमों का उल्लंघन होने पर होगी कार्रवाई
आयोग ने सभी कॉलेजों को नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। यह सुनिश्चित करने को कहा है कि परीक्षा सही समय पर ही आयोजित हो। इसके अलावा जल्द से जल्द फाइनल अकादेमिक अवार्ड छात्रों को दिए जाएं। यदि कोई यूनिवर्सिटी नियमों का उल्लंघन करती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
4822164_Academic-Awards-to-Students-by-HEIs




