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UGC ऑफर कर रहा ये 9 फ्री ऑनलाइन कोर्स, बिना फीस ऐसे उठाएं लाभ

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यूजीसी कई कोर्स बिना किसी फीस ऑफर कर रहा है। इनका लाभ स्वयं पोर्टल पर जाकर उठाया जा सकता है। बस रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत पड़ेगी।  आइए एक-एक इन पाठ्यक्रमों के बारे में जानें- 
UGC ऑफर कर रहा ये 9 फ्री ऑनलाइन कोर्स, बिना फीस ऐसे उठाएं लाभ

AI Generated

स्वयं पोर्टल भारत सरकार द्वारा पेश किया गया एक फ्री ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफार्म है। जिस पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) अलग-अलग विषयों से संबंधित कई पाठ्यक्रम ऑफर कर रहा है। जिसे उम्मीदवार स्वयं पोर्टल पर जाकर ज्वाइन कर सकते हैं। इसके लिए किसी प्रकार की फीस भी नहीं लगती। सभी बौद्ध धर्म और पर्यावरण से जुड़े हैं।

इस लिस्ट में अभिधम्मा (पाली), आर्कटिक स्टडीज, बुद्धिस्ट फिलॉसफी, बुद्धिस्ट टूरिज्म, क्लाइमेट एंड एनवायरमेंटल प्रोटक्शन, कम्युनिटी इंगेजमेंट एंड सोशल रिस्पांसिबिलिटी, हिस्ट्री ऑफ़ इंडियन बुद्धिज्म, पोलर साइंस आर्किटेक्ट, गवर्नेंस, पॉलिसी एंड लॉ, अंडरस्टैंडिंग द आर्कटिक क्लाइमेट एंड द नीड का एनवायरमेंटल प्रोटक्शन शामिल हैं।

सभी के लिए पात्रता भी अलग-अलग निर्धारित की गई है। इनकी शुरुआत जुलाई में ही हो चुकी है।  कैंडिडेट 31 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन एनरोलमेंट कर सकते हैं। परीक्षा का आयोजन दिसंबर में किया जाएगा। इस एग्जाम में उन्हीं लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी जो सर्टिफिकेट प्राप्त करना चाहते हैं। इसके लिए फीस का भुगतान भी करना होगा।

ऐसे उठाएं लाभ 

  • सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट http://swayam.gov.in पर जाएँ।
  • होमपेज पर रजिस्टर/साइन इन के टैब पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन के बाद कोर्स को सर्च करें।
  • फिर “Join” के विकल्प को चुनें। लॉग इन डिटेल्स दर्ज करें और इसका लाभ उठायें।

कोर्स के बारे में जानें 

अभिधम्मा (पाली):- इस पाठ्यक्रम का अंत  30 अक्टूबर को होने जा रहा है। इसकी अवधि 15 सप्ताह है। इसमें अभिधम्मा अलग-अलग पहलुओं के बारे में बताया गया है। यह इंग्लिश मध्यम में उपलब्ध है। यूजी और पीजी स्टूडेंट्स इसका हिस्सा बन सकते हैं। बौद्ध धर्म में रूचि रखने वालों के लिए यह अच्छा विकल्प बन सकता है।

आर्कटिक स्टडीज:– इसे भी यूजी या पीजी स्टूडेंट्स के लिए डिजाइन किया गया है। यह इलेक्टिव कोर्स इंग्लिश माध्यम में उपलब्ध है। इसे पूरा करने में केवल 15 सप्ताह का समय लगता है। इस पाठ्यक्रम में कुल 15 टॉपिक के लिए 40 मॉड्यूल शामिल किए गए हैं।

बुद्धिस्ट फिलॉसफी:– गौतम बुद्ध की नीतियों के बारे में जानना चाहते हैं तो यह कोर्स आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है। इसकी अवधि भी 15 सप्ताह है। इंग्लिश मध्यम में उपलब्ध है। यूजी या पीजी स्टूडेंट इससे जुड़ सकते हैं। एनरोलमेंट किया की तारीख 31 अगस्त 2025 है।

बुद्धिस्ट टूरिज्म:- इस पाठ्यक्रम में बौद्ध धर्म से जुड़े अलग-अलग स्थान के बारे में पढ़ाया जाएगा। जिसमें बोधगया, सारनाथ, राजगीर, वैशाली, नालंदा, कुशीनगर, लद्दाख, विक्रमशिला इत्यादि शामिल हैं।

क्लाइमेट एंड एनवायरमेंटल प्रोटक्शन:- इस कोर्स की अवधि भी 15 सप्ताह है। इसे भी यूजी या पीजी स्टूडेंट ज्वाइन कर सकते हैं। इंग्लिश मध्यम में उपलब्ध इस कोर्स इसका उद्देश्य  आर्कटिक पर्यावरण और ग्लोबल क्लाइमेट चेंज में इसके प्रभाव को समझना है।

कम्युनिटी इंगेजमेंट एंड सोशल रिस्पांसिबिलिटी:– यह भी इंग्लिश माध्यम में उपलब्ध है। इसकी अवधि 10 सप्ताह है। कोर्स की शुरुआत 21 अगस्त से होने जा रही है। रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2025 है। इसका समापन 30 अक्टूबर को हो जाएगा।

हिस्ट्री ऑफ़ इंडियन बुद्धिज्म:- यूजीसी हिस्ट्री ऑफ़ इंडियन टूरिज्म नामक पाठ्यक्रम भी ऑफर कर रहा है। यूजी या पीजी वालों  के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें बौद्ध धर्म के  उत्पत्ति, बुद्ध के जन्म, उनके पूर्व जन्म, बायोग्राफी और उनकी टीचिंग इत्यादि के बारे में बताया गया है।

पोलर साइंस आर्किटेक्ट, गवर्नेंस, पॉलिसी एंड लॉ:- इसकी अवधि भी 15 सप्ताह है। इसमें रीडिंग मॉड्यूल कंटेंट, वीडियो लेक्चरर्स, इंटरनल असेसमेंट, क्विज इत्यादि शामिल किए गए हैं। पर्यावरण में रुचि रखने वालों के लिए यह एक अच्छा विकल्प बन सकता है।

अंडरस्टैंडिंग द आर्कटिक क्लाइमेट एंड द नीड का एनवायरमेंटल प्रोटक्शन:- इस कोर्स के लिए एनरोलमेंट की आखिरी 31 अगस्त 2025 है। 15 सप्ताह में इसे पूरा किया जा सकता है।इसमें 40 मॉड्यूल शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को आर्कटिक रिसर्च, जियो पॉलिटिक्स इत्यादि के बारे में जानकारी देना है।

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Manisha Kumari Pandey
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